FM: कीमतों पर लगाम के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सराहा
वित्त मंत्री ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का समर्थन किया है। और इसके पीछे वजह बताई है कि उपभोक्ताओं को कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल से बचाना और पूरे भारत में इसकी स्थिर आपूर्ति बनाए रखना जरूरी है।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले का समर्थन किया है। यह कदम वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर को कम करने और आम लोगों को राहत देने के लिए उठाया गया है।
एक्साइज ड्यूटी में क्या बदलाव किया गया?
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में बड़ा बदलाव किया है:
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पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है
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डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है
इसके साथ ही डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगाया गया है।
क्या वैश्विक हालात का इस फैसले से संबंध है?
हां, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और खासकर ईरान के आसपास हालात बिगड़ने से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर जोखिम बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल आया है।
क्या इस फैसले से ईंधन की कमी नहीं होगी?
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कदम का एक बड़ा उद्देश्य देश में ईंधन की लगातार आपूर्ति बनाए रखना है।
अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ती रहतीं और कंपनियां खरीद कम कर देतीं, तो सप्लाई प्रभावित हो सकती थी।
सरकार चाहती है कि:
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तेल कंपनियां लगातार तेल खरीदती रहें
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देश में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध रहे
एविएशन फ्यूल (ATF) पर क्या असर पड़ा है?
सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
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घरेलू एयरलाइंस को पर्याप्त ईंधन मिले
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भारत में ATF की कमी न हो
इस फैसले से आम जनता को क्या फायदा होगा?
इस कदम से:
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम होगा
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ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी
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अचानक कीमत बढ़ने का खतरा घटेगा
सरकार ने वैश्विक संकट के बीच एक संतुलित कदम उठाया है। जिससे न सिर्फ कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की गई है। बल्कि देश में ईंधन की सप्लाई भी सुनिश्चित की गई है।
इससे आम लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।