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DTC: बसें बढ़ीं पर मुसाफिर घटे, 5 साल में 20% कम हुई राइडरशिप; आर्थिक सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासा

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Fri, 27 Mar 2026 10:21 AM IST
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सार

Delhi Bus Ridership Decline: दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन सिस्टम (डीऔर क्लस्टर) को लेकर एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ सरकार ने बसों का बेड़ा (Fleet) बढ़ाया है और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा किया है, वहीं दूसरी तरफ बसों में सफर करने वाले यात्रियों का ग्राफ तेजी से नीचे गिरता दिख रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल मुफ्त यात्रा काफी नहीं है, जब तक कनेक्टिविटी और समय की पाबंदी पर काम नहीं होता।
 

Delhi Bus Crisis: Ridership Drops by 20%  5 Years Despite Free Rides  Women; Economic Survey Reveals
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार

दिल्ली में बसों की संख्या और इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने के बावजूद यात्रियों की संख्या में करीब 20% की गिरावट दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, ई-बसों और डिपो में विस्तार के बावजूद खराब कनेक्टिविटी, कमजोर पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और लंबा इंतजार जैसी समस्याएं रिडरशिप घटने की मुख्य वजह हैं।
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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों की कुल राइडरशिप में 20% की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में सामने आया कि 2019-20 में रोजाना 51 लाख यात्री सफर करते थे, जो 2024-25 में घटकर 40.8 लाख रह गए हैं। हालांकि, इसी दौरान बसों की संख्या 6,672 से बढ़कर 6,966 हो गई है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने इसके लिए पुरानी सीएनजी बसों के ओवरएज होने को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि एक्सपर्ट्स ने खराब पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और कनेक्टिविटी को मुख्य वजह बताया है।
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आंकड़ों का विश्लेषण

1. राइडरशिप में भारी सेंध
  • डीटीसी बसें: रोजाना यात्रियों की संख्या 33.4 लाख से घटकर 25.6 लाख रह गई, यानी की 23% की कमी।
  • क्लस्टर बसें: राइडरशिप 17.71 लाख से घटकर 15.3 लाख पर आ गई, यानी 14% की कमी।
  • यह गिरावट तब हुई है जब दिल्ली की आबादी बढ़ रही है और महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त है।

2. ई-बसों का बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर
परिवहन मंत्री के अनुसार, सरकार ई-बसों पर तेजी से फोकस कर रही है:
  • अप्रैल 2021: सिर्फ 2 ई-बसें।
  • वर्तमान (2026): 4,338 ई-बसें सड़कों पर हैं।
  • डिपो का विस्तार: ई-बसों की चार्जिंग के लिए बस डिपो की संख्या 35 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है।


क्यों टूट रहा है यात्रियों का भरोसा?
परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, राइडरशिप घटने के पीछे मुख्य कारण समय और कनेक्टिविटी है:
  • इंटरचेंज की समस्या: यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए 2-3 बसें बदलनी पड़ती हैं, जिससे इंतजार का समय बढ़ जाता है।
  • कमजोर सूचना तंत्र: पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS) खराब है। यात्रियों को यह पता नहीं चलता कि अगली बस कब आएगी, जिससे वे ऑटो या मेट्रो का रुख कर लेते हैं।
हालांकि चुनौतियों के बीच डीटीसी के कुछ संकेतकों में सुधार हुआ है। डीटीसी बसों में होने वाले हादसों में कमी देखी गई है। 2019-20 से में हादसों की संख्या करीब 118 थी, वहीं 2025-26 में यह घटकर 73 हो गई है। अन्य राज्यों के लिए बस रूट्स की संख्या सात से बढ़कर 15 कर दी गई है।
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