Nitin Gadkari: भारत की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर 9% हुई, नितिन गडकरी बोले- एक्सप्रेसवे-कॉरिडोर से मिला बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर के तेजी से विस्तार से भारत में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट सिंगल डिजिट में आ गई है।
विस्तार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत में लॉजिस्टिक्स लागत (रसद लागत) अब सिंगल डिजिट (एकल अंक) में आ गई है, जो एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर (आर्थिक गलियारा) के तेज विस्तार का नतीजा है।
लॉजिस्टिक्स लागत में कितना बदलाव आया है?
बीएमई कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए गडकरी ने बताया कि पहले भारत की लॉजिस्टिक्स लागत लगभग 16 प्रतिशत थी।
आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बंगलूरू की एक रिपोर्ट के अनुसार यह घटकर करीब 10 प्रतिशत हुई थी।
अब गडकरी का दावा है कि यह और घटकर लगभग 9 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बता दें कि लॉजिस्टिक लागत का मतलब उस खर्च से है जो कच्चे माल की ढुलाई से लेकर अंतिम ग्राहक तक तैयार उत्पाद पहुंचाने (आवाजाही, भंडारण, पैकेजिंग, और प्रबंधन) से जुड़े सभी तरह के खर्च हैं।
क्या इससे भारत को फायदा होगा?
गडकरी के अनुसार, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से भारत का निर्यात बाजार (एक्सपोर्ट मार्केट) ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा।
कम लागत का मतलब है कि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में सस्ते और आकर्षक बनेंगे।
अन्य देशों की तुलना में भारत कहां खड़ा है?
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अमेरिका: लगभग 12 प्रतिशत
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यूरोप: लगभग 12 प्रतिशत
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चीन: 8-10 प्रतिशत
इस तुलना में भारत अब बेहतर स्थिति में पहुंच रहा है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर क्या लक्ष्य है?
गडकरी ने कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया की नंबर-1 ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनना है।
उन्होंने बताया कि:
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पहले इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था
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अब यह बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है
वैश्विक स्तर पर ऑटो इंडस्ट्री का आकार क्या है?
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अमेरिका: 78 लाख करोड़ रुपये
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चीन: 47 लाख करोड़ रुपये
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भारत: 22 लाख करोड़ रुपये
भारत फिलहाल तीसरे स्थान पर है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था में ऑटो सेक्टर की क्या भूमिका है?
ऑटोमोबाइल सेक्टर:
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करीब 4 लाख युवाओं को रोजगार देता है
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केंद्र और राज्यों को सबसे ज्यादा जीएसटी देता है
क्या बायोफ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर बढ़ेगा?
गडकरी ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के कारण कई एशियाई देशों में ईंधन की कमी देखने को मिली है।
ऐसे में बायोफ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देना जरूरी है। यह आर्थिक और पर्यावरण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर क्या योजना है?
सरकार ने देशभर में 10 हाईवे स्ट्रेच चिन्हित किए हैं, जहां ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक चलाए जाएंगे।
इन मार्गों पर हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन भी लगाए जाएंगे, जिन्हें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा स्थापित किया जाएगा।
क्या मेटल इंडस्ट्री का भी इसमें योगदान है?
गडकरी ने कहा कि देश के विकास में मेटल इंडस्ट्री की अहम भूमिका है।
उन्होंने यह भी बताया कि वेस्ट मेटल (कचरा धातु) का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जा सकता है। जिससे लागत और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।
लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, वैकल्पिक ईंधन पर जोर और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास- ये सभी कदम भारत को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।