Automobile Industry: मजबूत घरेलू मांग से ऑटो सेक्टर का आत्मविश्वास बढ़ा, आउटलुक बना हुआ है सकारात्मक
जैसे ही यह ऑटोमोबाइल सेक्टर FY26 की आखिरी तिमाही में प्रवेश कर रहा है, कुल मिलाकर इंडस्ट्री का माहौल आशावादी बना हुआ है।
विस्तार
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में व्यापक और संतुलित बढ़त दर्ज की है। टू-व्हीलर से लेकर पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर, लगभग सभी सेगमेंट में मांग मजबूत बनी हुई है। एक्सिस डायरेक्ट की ऑटो इंडस्ट्री मासिक बिक्री रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों के लिए भी सेक्टर का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।
टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ
रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी 2026 के बीच घरेलू टू-व्हीलर बिक्री 9 प्रतिशत सालाना बढ़कर करीब 1.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई। वहीं, पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में 7 प्रतिशत की सालाना बढ़त के साथ बिक्री लगभग 35.2 लाख यूनिट रही।यह बढ़त सिर्फ किसी एक कैटेगरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर, सभी सेगमेंट में देखने को मिली।
टू-व्हीलर में TVS और रॉयल एनफील्ड आगे
टू-व्हीलर सेगमेंट की ग्रोथ में TVS Motor और Royal Enfield की बड़ी भूमिका रही।
- TVS की बिक्री में 19% की बढ़त
- Royal Enfield ने 25% ग्रोथ दर्ज की
केवल जनवरी 2026 की बात करें तो TVS की कुल टू-व्हीलर बिक्री 28% बढ़ी, जबकि Hero MotoCorp ने 26% की सालाना बढ़त दर्ज की।
पैसेंजर व्हीकल: कुछ ब्रांड आगे, कुछ स्थिर
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में Toyota Kirloskar, Mahindra & Mahindra और Kia India ने ग्रोथ को आगे बढ़ाया।
हालांकि, इंडस्ट्री लीडर Maruti Suzuki की जनवरी महीने की होलसेल बिक्री सालाना आधार पर लगभग स्थिर रही, जबकि कुल घरेलू PV बिक्री इस दौरान करीब 13% बढ़ी।वहीं Tata Motors के पैसेंजर व्हीकल डिवीजन ने जनवरी में 48% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की।
मांग को सपोर्ट करने वाले फैक्टर
एक्सिस डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू मांग को आगे बढ़ाने वाले संभावित कारणों में:
- सरकार की ओर से खपत बढ़ाने वाले कदम
- ग्रामीण मांग में सुधार
- नए मॉडल्स की लॉन्चिंग
जैसे फैक्टर शामिल हैं। रिपोर्ट का मानना है कि इन कारणों से आने वाले महीनों में बिक्री को और सपोर्ट मिल सकता है।
कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर सेगमेंट भी मजबूत
कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में भी तेजी बनी रही। घरेलू CV वॉल्यूम में साल-दर-साल 10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो स्थिर फ्रेट डिमांड का संकेत है।
जनवरी में Ashok Leyland की घरेलू बिक्री 31 प्रतिशत बढ़ी, जबकि Tata Motors ने 32 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।ट्रैक्टर इंडस्ट्री में जनवरी के दौरान 48 प्रतिशत सालाना ग्रोथ देखने को मिली। इसमें VST Tillers और Escorts Kubota जैसे ब्रांड्स ने 50% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की।
आगे का आउटलुक क्यों है सकारात्मक?
रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर की मजबूती के पीछे:
- GST दरों में कमी
- जलाशयों में पर्याप्त पानी
- बेहतर रबी फसल
जैसे कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं।
Axis Direct का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के अंतिम तिमाही और FY27 में भी ऑटो इंडस्ट्री की मांग मजबूत रहने की संभावना है।
मजबूत घरेलू मांग, GST में राहत और इनकम टैक्स दरों में स्थिरता, ये सभी कारक मिलकर आने वाले समय में ऑटो सेक्टर को सपोर्ट करते रहेंगे और ग्रोथ की गति बनाए रखेंगे।
