Jeep Recall: कंपनी ने वापस मंगाई ये कारें! आग लगने के संभावित खतरे से 11 लाख गाड़ियां प्रभावित!
Jeep Recall: जीप ने दुनिया भर में 11 लाख से अधिक रैंगलर और ग्लैडिएटर एसयूवी को रिकॉल करने का फैसला किया है। कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रिक हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग पंप (EHPSP) के कनेक्शन में खराबी के कारण गाड़ियों में ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। यह रिकॉल 2021 से 2025 के बीच निर्मित वाहनों पर लागू होगा।
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मशहूर एसयूवी निर्माता कंपनी जीप (Jeep) ने दुनिया भर से अपनी 11 लाख से ज्यादा गाड़ियों को वापस मंगाने (रिकॉल) का बड़ा फैसला किया है। कंपनी के मुताबिक, इन गाड़ियों में आग लगने का खतरा है। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और किन गाड़ियों पर इसका असर पड़ेगा।
क्या है असल खराबी?
जीप की गाड़ियों के पावर स्टीयरिंग पंप के इलेक्ट्रिक कनेक्शन में एक बड़ी खामी पाई गई है। इसे तकनीकी भाषा में EHPSP कहते हैं। इस खराबी के कारण कनेक्शन में जरूरत से ज्यादा करंट या रेजिस्टेंस पैदा हो सकता है। इससे गाड़ी ओवरहीट और आग लगने का खतरा है।
इस खतरे को देखते हुए कंपनी ने ग्राहकों को सख्त हिदायत दी है कि जब तक गाड़ी ठीक न हो जाए, इसे गैरेज के अंदर या घर के बहुत करीब खड़ी न करें। सुरक्षा के लिहाज से गाड़ी को घर के बाहर किसी खुली जगह पर ही पार्क करें।
किन मॉडल्स पर पड़ेगा असर?
यह रिकॉल खास तौर पर दो लोकप्रिय मॉडल्स के लिए जारी किया गया है:
- जीप रैंगलर
- जीप ग्लैडिएटर
यह उन गाड़ियों पर लागू होता है जिन्हें साल 2021 से 2025 के बीच बनाया और बेचा गया है।
कैसे पहचानें खराबी?
अगर बताई गई मॉडल के किसी जीप धारक को गाड़ी चलाते समय स्टीयरिंग अचानक बहुत भारी लगने लगे या डैशबोर्ड पर 'सर्विस पावर स्टियरिंग' का वॉर्निंग मैसेज दिखाई दे, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

कैसे चला इस खराबी का पता?
इस खामी का पता लगाना कंपनी के लिए आसान नहीं था।
- मई 2023: जीप की पैरेंट कंपनी स्टेलेंटिस ने सबसे पहले इस समस्या की जांच शुरू की, लेकिन मामले कम होने के कारण जांच बंद कर दी गई।
- अगस्त 2024: जब आग लगने की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी हुई, तो मामले को दोबारा खोला गया। अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी (NHTSA) ने भी अपनी तरफ से जांच शुरू कर दी।
- मई 2025: जांच के दौरान कंपनी को मैन्युफैक्चरिंग में हुई एक गलती का पता चला।
- अप्रैल 2026: कई महीनों की लैब टेस्टिंग और पार्ट्स के सीटी स्कैन व एक्स-रे के बाद कंपनी ने पक्के तौर पर माना कि असली वजह एक ढीला और खराब इलेक्ट्रिक कनेक्शन ही है।

कब तक होगी ठीक?
कंपनी जुलाई महीने से अपने प्रभावित ग्राहकों को नोटिस भेजना शुरू करेगी। डीलरशिप पर गाड़ियों की पूरी जांच की जाएगी और जिस हिस्से में खराबी होगी, उसे मुफ्त में ठीक किया जाएगा या नया पार्ट लगाया जाएगा। स्टेलेंटिस के लिए जीप एक बेहद मुनाफे वाला ब्रांड है, इसलिए कंपनी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की कोशिश कर रही है।