Monsoon:बारिश में छोटी-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, मानसून शुरू होने से पहले कार की ये 10 चीजें जरूर जांच लें
मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत और खुशनुमा अहसास तो लाता है, लेकिन यह गाड़ियों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां भी पैदा करता है। अच्छी बात यह है कि बरसात के मौसम के लिए अपनी कार को तैयार करने के लिए महंगे गैरेज खर्च की जरूरत नहीं होती। कुछ जरूरी जांच सुरक्षा को बढ़ा सकती हैं। जानें पूरी डिटेल्स।
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विस्तार
मानसून जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं ड्राइविंग को पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण भी बना देता है। फिसलन भरी सड़कें, पानी से भरे गड्ढे, कम दृश्यता और जलभराव जैसी स्थितियां दुर्घटना और वाहन खराब होने का खतरा बढ़ा देती हैं।
अच्छी बात यह है कि बारिश के मौसम के लिए कार तैयार करने के लिए महंगे रिपेयर की जरूरत नहीं होती। कुछ जरूरी जांच और समय पर रखरखाव आपकी कार को सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर स्थिति में बनाए रख सकते हैं।
1. सबसे पहले टायर क्यों जांचें?
बारिश के दौरान सड़क पर कार की पकड़ बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका टायर निभाते हैं। अगर टायर घिस चुके हैं, तो पानी निकालने की उनकी क्षमता कम हो जाती है और वाहन फिसलने का खतरा बढ़ सकता है।
ट्रेड डेप्थ जांचें: अगर टायर का ट्रेड काफी घिस चुका है तो उसे बदलने पर विचार करें। ताकि गीली सड़क पर बेहतर पकड़ बनी रहे।
टायर प्रेशर सही रखें: सभी टायरों के साथ-साथ स्टेपनी का भी एयर प्रेशर जांचें। गलत प्रेशर ब्रेकिंग और वाहन की हैंडलिंग दोनों को प्रभावित कर सकता है।
2. वाइपर सही काम कर रहे हैं या नहीं?
तेज बारिश में साफ दृश्य मिलना सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बेहद जरूरी है। यदि वाइपर कांच पर निशान छोड़ रहे हैं, आवाज कर रहे हैं या ठीक से सफाई नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें बदल देना चाहिए।
साथ ही विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड भी भरकर रखें, ताकि कीचड़ और सड़क की गंदगी आसानी से साफ की जा सके।
3. क्या कार की सभी लाइटें ठीक हैं?
बारिश के दौरान दृश्यता कम होने पर वाहन की लाइटें आपकी सुरक्षा का अहम हिस्सा बन जाती हैं।
इन सभी लाइटों की जांच करें-
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हेडलाइट
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टेल लाइट
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ब्रेक लाइट
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इंडिकेटर
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रिवर्स लाइट
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फॉग लाइट
अगर कोई बल्ब खराब हो तो उसे बदल दें। वहीं, अगर हेडलाइट का कवर धुंधला हो गया है, तो उसे साफ या ठीक करवा लें, ताकि रोशनी बेहतर मिले।
4. ब्रेक की स्थिति क्यों जांचना जरूरी है?
गीली सड़क पर कार को सुरक्षित रोकने के लिए ब्रेक का सही स्थिति में होना बेहद जरूरी है।
यदि ब्रेक लगाने पर असामान्य आवाज आए, कंपन महसूस हो या कार सामान्य से ज्यादा दूरी तय करने के बाद रुके, तो ब्रेक सिस्टम की जांच जरूर करवाएं।
अगर कार पानी भरे हिस्से से गुजरी है, तो उसके बाद कुछ सेकंड तक हल्के ब्रेक लगाएं। इससे ब्रेक के हिस्सों पर जमा नमी कम करने में मदद मिल सकती है।
5. बैटरी की जांच क्यों नहीं छोड़नी चाहिए?
पुरानी या कमजोर बैटरी बारिश के मौसम में अचानक जवाब दे सकती है।
बैटरी के टर्मिनलों पर जंग तो नहीं लगी है, यह जांचें। सभी कनेक्शन अच्छी तरह जुड़े हों, इसका भी ध्यान रखें। यदि बैटरी कई साल पुरानी है या पहले से कमजोर प्रदर्शन कर रही है, तो उसकी जांच करवा लेना बेहतर रहेगा।
6. जरूरी फ्लूइड्स का स्तर सही है या नहीं?
कार के विभिन्न फ्लूइड्स सही मात्रा में होना मानसून के दौरान मैकेनिकल समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
इन फ्लूइड्स की जांच जरूर करें-
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इंजन ऑयल
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कूलेंट
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ब्रेक फ्लूइड
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पावर स्टीयरिंग फ्लूइड (जहां लागू हो)
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विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड
सही स्तर पर फ्लूइड होने से वाहन का प्रदर्शन बेहतर बना रहता है।
7. एयर कंडीशनर की जांच क्यों जरूरी है?
एयर कंडीशनर केवल केबिन ठंडा करने का काम नहीं करता, बल्कि बारिश के दौरान शीशों पर जमने वाली नमी हटाने में भी मदद करता है।
अगक AC की कूलिंग कम हो गई है या विंडशील्ड को साफ होने में ज्यादा समय लग रहा है, तो सिस्टम की जांच करवा लेना बेहतर होगा।
8. दरवाजों और खिड़कियों की रबर सील सही है?
अगर दरवाजों और खिड़कियों के आसपास लगी रबर बीडिंग खराब हो गई है, तो बारिश का पानी केबिन के अंदर पहुंच सकता है।
रबर में दरार, गैप या सख्ती आने पर उसे बदलवा देना चाहिए। इससे केबिन में नमी, बदबू और संभावित इलेक्ट्रिकल समस्याओं से बचा जा सकता है।
9. कार में कौन-सा इमरजेंसी सामान रखना चाहिए?
बारिश के दौरान कभी भी अप्रत्याशित स्थिति आ सकती है। इसलिए कार में कुछ जरूरी सामान हमेशा मौजूद होना चाहिए।
इन चीजों को साथ रखें-
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टॉर्च
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जम्पर केबल
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टायर इनफ्लेटर
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पंचर रिपेयर किट
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टो रोप
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फर्स्ट-एड किट
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रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल
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मोबाइल फोन चार्जर
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छाता
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वाटरप्रूफ दस्ताने
जरूरत पड़ने पर यह सामान काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
10. बारिश में ड्राइविंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग केवल अच्छी कार पर नहीं, बल्कि सही ड्राइविंग आदतों पर भी निर्भर करती है।
धीमी रफ्तार रखें: तेज बारिश में वाहन की गति सामान्य से कम रखें।
सुरक्षित दूरी बनाए रखें: आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में समय मिल सके।
अचानक मोड़ या ब्रेक लगाने से बचें: गीली सड़क पर अचानक स्टीयरिंग घुमाने या तेज ब्रेक लगाने से वाहन फिसल सकता है।
जलभराव और भारी बारिश में सुरक्षित ड्राइविंग के क्या नियम हैं?
सुरक्षित आदतों और समय पर मेंटेनेंस से आप मानसून में ब्रेकडाउन और दुर्घटनाओं से पूरी तरह बच सकते हैं:
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सावधानीपूर्वक ड्राइविंग: भारी बारिश में कम गति से गाड़ी चलाएं और आगे वाले वाहन से अधिक दूरी बनाए रखें। गीली सड़कों पर अचानक स्टीयरिंग घुमाने या अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
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जलभराव वाले रास्तों से बचें: यदि आपको जलभराव वाले रास्ते (की गहराई का अंदाजा न हो, तो वहां गाड़ी ले जाने से बचें, क्योंकि पानी इंजन, ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
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समय पर रूटीन सर्विसिंग: रूटीन सर्विसिंग में देरी न करें। घिसे हुए टायरों, कमजोर बैटरी या अप्रभावी वाइपर जैसी समस्याओं को पहले ही ठीक कर लेने से आप किसी भी अचानक होने वाले ब्रेकडाउन से बच सकते हैं।
क्या मानसून में सर्विसिंग टालनी चाहिए?
यदि कार की नियमित सर्विसिंग का समय हो गया है, तो उसे टालना ठीक नहीं होगा।
घिसे हुए टायर, कमजोर बैटरी या खराब वाइपर जैसी छोटी समस्याओं को समय रहते ठीक कराने से बारिश के दौरान अचानक वाहन खराब होने की संभावना काफी कम हो सकती है।
बारिश के मौसम में कार को तैयार रखना क्यों जरूरी है?
मानसून में कार की देखभाल का सबसे अच्छा तरीका समय रहते जरूरी जांच करना है। टायर, ब्रेक, बैटरी, वाइपर और लाइट जैसी बुनियादी चीजों पर ध्यान देकर न केवल सड़क पर सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है, बल्कि अनावश्यक मरम्मत के खर्च से भी बचा जा सकता है। थोड़ी-सी तैयारी पूरे बारिश के मौसम में सफर को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बना सकती है।