{"_id":"698b5ae6f15c1070f502d13d","slug":"petrol-vs-cng-cars-explained-mileage-running-cost-performance-compared-2026-02-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Petrol vs CNG: पेट्रोल बनाम सीएनजी कार, जानें ईंधन खर्च, माइलेज और ड्राइविंग अनुभव की पूरी तुलना","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Petrol vs CNG: पेट्रोल बनाम सीएनजी कार, जानें ईंधन खर्च, माइलेज और ड्राइविंग अनुभव की पूरी तुलना
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 10 Feb 2026 09:51 PM IST
विज्ञापन
सार
नई कार खरीदने के बारे में सोचते समय, कई लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि पेट्रोल कार लें या फिर सीएनजी कार। 10 लाख रुपये तक के बजट वालों के लिए यह फैसला मुश्किल हो सकता है।
CNG Cars
- फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन
विस्तार
CNG or Petrol Car Which is Better in Hindi: नई कार खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल अक्सर यही होता है कि Petrol (पेट्रोल) कार ली जाए या CNG (सीएनजी)। खासकर तब, जब बजट करीब 10 लाख रुपये तक हो। दोनों विकल्प अपने-अपने फायदे और सीमाओं के साथ आते हैं। इसलिए सही चुनाव आपकी रोजमर्रा की जरूरतों, ड्राइविंग पैटर्न और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।
Trending Videos
ईंधन खर्च रोजाना बजट को कितना प्रभावित करता है?
कार की रोजाना की रनिंग कॉस्ट पर सबसे बड़ा असर ईंधन की कीमत का पड़ता है। आम तौर पर सीएनजी, पेट्रोल के मुकाबले सस्ती होती है। हालांकि अलग-अलग शहरों में कीमतों में फर्क हो सकता है।
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में सीएनजी की कीमत आमतौर पर 80 रुपये प्रति किलोग्राम से कम रहती है। जिससे रोजाना आने-जाने वालों को अच्छी बचत मिलती है। छोटे शहरों में सीएनजी 85 रुपये से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो सकती है। फिर भी कुल मिलाकर यह पेट्रोल से किफायती ही रहती है।
कार की रोजाना की रनिंग कॉस्ट पर सबसे बड़ा असर ईंधन की कीमत का पड़ता है। आम तौर पर सीएनजी, पेट्रोल के मुकाबले सस्ती होती है। हालांकि अलग-अलग शहरों में कीमतों में फर्क हो सकता है।
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में सीएनजी की कीमत आमतौर पर 80 रुपये प्रति किलोग्राम से कम रहती है। जिससे रोजाना आने-जाने वालों को अच्छी बचत मिलती है। छोटे शहरों में सीएनजी 85 रुपये से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो सकती है। फिर भी कुल मिलाकर यह पेट्रोल से किफायती ही रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
माइलेज के मामले में कौन आगे है?
माइलेज की बात करें तो सीएनजी कारों को साफ तौर पर बढ़त मिलती है। जहां पेट्रोल कारें औसतन 15 से 22 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। वहीं सीएनजी कारें करीब 22 से 35 किमी प्रति किलोग्राम तक चल सकती हैं।
बेहतर माइलेज और कम ईंधन खर्च के कारण मारुति, टाटा और ह्यूंदै जैसी कंपनियों की सीएनजी कारें और सीएनजी एसयूवी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। और इस सेगमेंट की बिक्री में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
माइलेज की बात करें तो सीएनजी कारों को साफ तौर पर बढ़त मिलती है। जहां पेट्रोल कारें औसतन 15 से 22 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। वहीं सीएनजी कारें करीब 22 से 35 किमी प्रति किलोग्राम तक चल सकती हैं।
बेहतर माइलेज और कम ईंधन खर्च के कारण मारुति, टाटा और ह्यूंदै जैसी कंपनियों की सीएनजी कारें और सीएनजी एसयूवी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। और इस सेगमेंट की बिक्री में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
परफॉर्मेंस और पावर में किसका पलड़ा भारी है?
पावर और टॉर्क के मामले में पेट्रोल कारें आमतौर पर सीएनजी से बेहतर होती हैं। ओवरटेक करते समय या तेज रफ्तार पर चलाने में सीएनजी कारों में पावर की कमी महसूस हो सकती है।
इसके उलट, पेट्रोल कारें बेहतर पिक-अप, स्मूद ड्राइव और हाईवे पर ज्यादा आरामदायक अनुभव देती हैं। इसलिए लंबी दूरी के सफर के लिए इन्हें ज्यादा मुफीद माना जाता है।
पावर और टॉर्क के मामले में पेट्रोल कारें आमतौर पर सीएनजी से बेहतर होती हैं। ओवरटेक करते समय या तेज रफ्तार पर चलाने में सीएनजी कारों में पावर की कमी महसूस हो सकती है।
इसके उलट, पेट्रोल कारें बेहतर पिक-अप, स्मूद ड्राइव और हाईवे पर ज्यादा आरामदायक अनुभव देती हैं। इसलिए लंबी दूरी के सफर के लिए इन्हें ज्यादा मुफीद माना जाता है।
रोजाना इस्तेमाल के लिए आखिर कौन सा विकल्प सही है?
अगर आपका मुख्य लक्ष्य शहर के अंदर रोज लंबी दूरी तय करना और ईंधन खर्च कम रखना है। तो सीएनजी कार एक किफायती और व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकती है।
लेकिन यदि आपके लिए तेज एक्सीलरेशन, बेहतर परफॉर्मेंस और हाईवे ड्राइविंग ज्यादा महत्वपूर्ण है। तो पेट्रोल कार चुनना ज्यादा समझदारी भरा निर्णय होगा।
अगर आपका मुख्य लक्ष्य शहर के अंदर रोज लंबी दूरी तय करना और ईंधन खर्च कम रखना है। तो सीएनजी कार एक किफायती और व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकती है।
लेकिन यदि आपके लिए तेज एक्सीलरेशन, बेहतर परफॉर्मेंस और हाईवे ड्राइविंग ज्यादा महत्वपूर्ण है। तो पेट्रोल कार चुनना ज्यादा समझदारी भरा निर्णय होगा।