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अब रेंज एंग्जायटी होगी खत्म: देशभर में लगेंगे हजारों चार्जिंग स्टेशंस, जानें कैसे यह एप करेगा EV चालकों की मदद
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Thu, 14 May 2026 11:54 AM IST
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सार
PM E-DRIVE Scheme: पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत देशभर में हजारों ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही एक नया एप भी लाया जा रहा है, जिससे ईवी यूजर्स एक ही प्लेटफॉर्म पर चार्जिंग स्टेशन खोज सकेंगे और पेमेंट भी कर सकेंगे। जानिए पूरी खबर विस्तार से...
देशभर में लगेंगे 72,000 चार्जिंग स्टेशन
- फोटो : AI
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विस्तार
EV Charging Stations India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले फ्यूल बचाने की अपील भी की है। इसी दिशा में हाल ही में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत पूरे देश में करीब 4,874 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
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बनेंगे हजारों नए ईवी चार्जिंग स्टेशंस
- फोटो : freepik
इन राज्यों में बनेगा चार्जिंग स्टेशन
फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस उन राज्यों पर है, जहां ईवी की मांग तेजी से बढ़ रही है। नए चार्जिंग स्टेशंस राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में स्थापित किए जाएंगे। इस मिशन में HPCL, IOCL और BPCL जैसी बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ-साथ कई CPSE भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी।
फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस उन राज्यों पर है, जहां ईवी की मांग तेजी से बढ़ रही है। नए चार्जिंग स्टेशंस राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में स्थापित किए जाएंगे। इस मिशन में HPCL, IOCL और BPCL जैसी बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ-साथ कई CPSE भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : freepik
कर्नाटक बना नंबर-1 लाभार्थी
वहीं, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में कर्नाटक सबसे आगे है। अकेले इसी राज्य में 1,243 ईवी चार्जर लगाए जाएंगे। इसके लिए 123.26 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। आपको बता दें कि पूरी पीएम ई-ड्राइव योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,000 करोड़ रुपये विशेष रूप से सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
Unified Bharat e-Charge (UBC) भी होगा लॉन्ग
जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक और कदम उठाया है। अब यूनिफाइड भारत ई-चार्ज (UBC) एप भी विकसित करने की तैयारी में है। यह एप कई चार्जिंग नेटवर्क को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगा। चार्जिंग स्टेशन खोजने में मदद करेगा और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी देगा। यह ईवी चार्जिंग को यूपीआई जैसा आसान बनाने की एक कोशिश मानी जा रही है। इसका मतलब है कि ईवी मालिकों को दर-दर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वहीं, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में कर्नाटक सबसे आगे है। अकेले इसी राज्य में 1,243 ईवी चार्जर लगाए जाएंगे। इसके लिए 123.26 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। आपको बता दें कि पूरी पीएम ई-ड्राइव योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,000 करोड़ रुपये विशेष रूप से सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
Unified Bharat e-Charge (UBC) भी होगा लॉन्ग
जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक और कदम उठाया है। अब यूनिफाइड भारत ई-चार्ज (UBC) एप भी विकसित करने की तैयारी में है। यह एप कई चार्जिंग नेटवर्क को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगा। चार्जिंग स्टेशन खोजने में मदद करेगा और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी देगा। यह ईवी चार्जिंग को यूपीआई जैसा आसान बनाने की एक कोशिश मानी जा रही है। इसका मतलब है कि ईवी मालिकों को दर-दर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Electric Car
- फोटो : freepik
क्यों जरूरी है चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर?
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि देश में ईवी बाजार, खासकर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कई शहरों और हाईवे पर पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन नहीं है। ऐसे में अगर चार्जिंग नेटवर्क बढ़ेगा, तो लोगों में रेंज एंग्जायटी कम होगी, लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी। इसी के अधिकतर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वो ईवी भी खरीदेंगे।
इन चीजों पर हो रहा काम
भारी उद्योग मंत्रालय, पावर मंत्रालय, राज्य सरकारों और इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर ग्रिड तैयार करने, चार्जिंग स्टैंडर्डाइजेशन और डिजिटल इंटीग्रेशन पर काम कर रहा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले वर्षों में मजबूत चार्जिंग नेटवर्क भारत के ईवी बाजार को नई गति दे सकता है।
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि देश में ईवी बाजार, खासकर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कई शहरों और हाईवे पर पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन नहीं है। ऐसे में अगर चार्जिंग नेटवर्क बढ़ेगा, तो लोगों में रेंज एंग्जायटी कम होगी, लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी। इसी के अधिकतर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वो ईवी भी खरीदेंगे।
इन चीजों पर हो रहा काम
भारी उद्योग मंत्रालय, पावर मंत्रालय, राज्य सरकारों और इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर ग्रिड तैयार करने, चार्जिंग स्टैंडर्डाइजेशन और डिजिटल इंटीग्रेशन पर काम कर रहा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले वर्षों में मजबूत चार्जिंग नेटवर्क भारत के ईवी बाजार को नई गति दे सकता है।