प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ईंधन बचाने और फिजूलखर्ची रोकने के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने न केवल अपने आधिकारिक काफिले के आकार को 50 प्रतिशत तक कम करने का आदेश दिया है, बल्कि सुरक्षा दस्ते में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को शामिल करने पर भी जोर दिया है। हाल ही में उनके गुजरात और असम दौरों के दौरान काफिले की क्षमता को आधा कर दिया गया था। जो उनके द्वारा हैदराबाद में दिए गए 'ईंधन बचाओ' संदेश के अनुरूप है।
PM Modi Cars: पीएम मोदी ने अपने काफिले में की कटौती, अब ईवी पर जोर, कैसा है उनका मौजूदा सुरक्षा बेड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने सुरक्षा काफिले में इलेक्ट्रिक कारों को शामिल करने की बात कही है। आइए, उनकी उन हाई-एंड SUV पर एक नजर डालते हैं जो फिलहाल उनके सुरक्षा काफिले का हिस्सा हैं।
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पीएम मोदी सुरक्षा में इलेक्ट्रिक वाहन क्यों चाहते हैं?
प्रधानमंत्री का यह कदम केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आर्थिक और वैश्विक कारण हैं:
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वैश्विक तेल संकट: 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है और सप्लाई चेन बाधित हुई है।
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ईंधन की बचत: हालांकि भारत में अभी ईंधन की कमी नहीं है, लेकिन भविष्य के जोखिमों को देखते हुए पीएम ने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने, मेट्रो का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने और वर्क-फ्रॉम-होम को प्राथमिकता देने की अपील की है।
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प्रदूषण और विदेशी मुद्रा: इलेक्ट्रिक वाहनों से शहरों में प्रदूषण कम होता है और तेल आयात पर निर्भरता घटने से देश की विदेशी मुद्रा बचती है।
पीएम मोदी के वर्तमान सुरक्षा बेड़े में कौन सी खास गाड़ियाँ हैं?
प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली एसपीजी (SPG) (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) के बेड़े में दुनिया की सबसे सुरक्षित और ताकतवर गाड़ियां शामिल हैं। आइए उन पर एक नजर डालते हैं:
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Mercedes-Maybach S650 Guard: यह काफिले की सबसे सुरक्षित कार है। यह VR10 सर्टिफाइड है, जिसका मतलब है कि यह 15 किलो आरडीएक्स (TNT) धमाके और 'आर्मर-पियर्सिंग' गोलियों को भी झेल सकती है। इसमें सैटेलाइट फोन, ऑक्सीजन सिलेंडर और सील्ड फ्यूल टैंक जैसी सुविधाएं हैं।
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Range Rover Sentinel: यह गाड़ी राइफल, ग्रेनेड और IED धमाकों से सुरक्षा देती है। इसमें V8 बैलिस्टिक प्रोटेक्शन है और टायर फटने के बाद भी यह 80 किमी/घंटा की रफ्तार से 50 किमी तक चल सकती है।
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Toyota Land Cruiser: पीएम मोदी अक्सर रैलियों और निजी दौरों के लिए इसका उपयोग करते हैं। यह दुनिया की सबसे सक्षम एसयूवी मानी जाती है, जिसमें 4.5-लीटर V8 इंजन लगा है।
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BMW 760 Li High Security: यह पीएम मोदी की पहली आधिकारिक कार थी, जिसने 2002 में हिंदुस्तान एम्बेसडर की जगह ली थी।
काफिले में बदलाव से सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
सूत्रों के अनुसार, काफिले के आकार में यह कटौती सुरक्षा मानकों के साथ बिना किसी समझौते के की गई है:
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SPG प्रोटोकॉल: सुरक्षा के लिए आवश्यक पुख्ता इंतजामों को बरकरार रखा गया है।
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नई खरीद नहीं: पीएम ने स्पष्ट किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए नई गाड़ियां खरीदने के बजाय मौजूदा बेड़े में ही समन्वय किया जाए।
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मंत्रियों का रुख: पीएम की इस पहल के बाद गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपने आधिकारिक दौरों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ा दिया है।
आम नागरिकों के लिए पीएम का क्या संदेश है?
हैदराबाद की रैली में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने का आग्रह किया है:
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मेट्रो सेवाओं और रेलवे का अधिक उपयोग करें।
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जहां संभव हो, पार्सल भेजने के लिए ट्रेनों पर भरोसा करें।
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निजी वाहनों के बजाय कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दें।