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Uber: 100 फीट की उबर राइड के लिए 118 रुपये? मेट्रो स्टेशन पर हुई गलती ने कैब किराया सिस्टम पर छेड़ी बहस

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 08 Jan 2026 04:08 PM IST
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सार

एक X यूजर के एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर इस बारे में चर्चा शुरू कर दी है कि कैब सर्विस प्लेटफॉर्म बहुत कम समय की राइड के लिए किराए का हिसाब कैसे लगाते हैं।

Rs 118 for a 100-Foot Uber Ride? Metro Station Booking Error Sparks Debate on Cab Fare Algorithms
Uber - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली के एक मेट्रो स्टेशन पर हुई एक छोटी-सी गलती ने कैब किराया तय करने वाले एल्गोरिद्म पर बड़ी बहस छेड़ दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'The Kaipullai' नाम के यूजर ने अपना अनुभव साझा किया। जिसमें उन्होंने बताया कि मेट्रो से बाहर निकलते ही उन्होंने उबर बुक किया, लेकिन गलती से ड्रॉप लोकेशन अपने घर की बजाय वही मेट्रो स्टेशन चुन लिया।
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गलती समझ में आई, लेकिन किराया देखकर हैरानी
यूजर के मुताबिक, जैसे ही वह कैब में बैठे, ड्राइवर ने तुरंत नोटिस किया कि पिकअप और ड्रॉप एक ही जगह दर्ज है। दोनों पॉइंट्स के बीच की दूरी मुश्किल से 100 फीट थी। ड्राइवर ने स्थिति समझते हुए राइड कैंसल कर दी, जिससे यात्री का समय और मेहनत बच गई। हालांकि, असली हैरानी उबर एप पर दिखाए गए किराये को लेकर हुई।

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₹160 से ₹118 तक, सिर्फ 100 फीट के लिए
पोस्ट में यूजर ने लिखा कि एप ने पहले इस बेहद छोटी दूरी के लिए 160 रुपये का किराया दिखाया, जिसे बाद में 'मेहरबानी' करते हुए 118 रुपये कर दिया गया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि केवल 100 फीट की यात्रा के लिए इतना किराया देखकर वह खुद भी चौंक गए।



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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और यूजर्स ने कैब कंपनियों के किराया निर्धारण सिस्टम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने कहा कि ड्राइवर चाहता तो यूजर को ड्रॉप लोकेशन बदलने के लिए कह सकता था। एक यूजर ने टिप्पणी की कि ड्राइवर को पता था कि उसे भुगतान मिलेगा, इसलिए उसने राइड कैंसल करने का रास्ता चुना।

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डेस्टिनेशन बदलने का विकल्प भी चर्चा में
कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऐसी स्थिति में एप के जरिए ड्रॉप लोकेशन बदली जा सकती है और इससे समस्या सुलझ जाती है। वहीं, कुछ लोगों का मानना था कि कैंसिलेशन के मामले में आखिरकार किसी न किसी को पेनल्टी झेलनी पड़ती है। और सिस्टम उसी हिसाब से ड्राइवर को कुछ भुगतान करता है।

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किराया एल्गोरिद्म पर फिर उठे सवाल
इस छोटे से वाकये ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि कैब एप बेहद कम दूरी की राइड्स के लिए भी न्यूनतम किराया कैसे तय करती हैं। 100 फीट की यात्रा और 118 रुपये के किराये का यह किस्सा भले ही मजाकिया लगे, लेकिन इसने किराया गणना के तरीके पर गंभीर चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

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