{"_id":"696132a6671bd821b301aa1e","slug":"lok-adalat-delhi-2026-how-to-get-traffic-challans-waived-on-january-10-eligibility-documents-registration-2026-01-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Delhi Lok Adalat 2026: 10 जनवरी को ट्रैफिक चालान माफ कैसे करवाएं? जानें इसके लिए चाहिए होंगे कौन से कागजात?","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Delhi Lok Adalat 2026: 10 जनवरी को ट्रैफिक चालान माफ कैसे करवाएं? जानें इसके लिए चाहिए होंगे कौन से कागजात?
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:24 PM IST
विज्ञापन
सार
जिन दिल्ली के मोटर चालकों के ट्रैफिक चालान लंबित हैं, उन्हें 10 जनवरी को राहत का एक बड़ा मौका मिलेगा, जब राजधानी में 2026 की पहली लोक अदालत लगेगी। जानें इसके लिए आपको किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी।
Delhi Traffic Police
- फोटो : PTI
विज्ञापन
विस्तार
दिल्ली के वाहन चालकों के लिए 2026 की पहली लोक अदालत 10 जनवरी को आयोजित की जा रही है। यह राष्ट्रीय लोक अदालत राजधानी के सभी जिला अदालत परिसरों में लगेगी, जहां लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जाएगा। इसके तहत पात्र मामलों में जुर्माना माफ किया जा सकता है या फिर कम रकम लेकर मामला उसी दिन खत्म किया जा सकता है। इस लोक अदालत का मकसद छोटे और लंबे समय से अटके मामलों का त्वरित समाधान करना है।
यह भी पढ़ें - Vehicle Scrapping: भारत में वाहन स्क्रैपिंग की रफ्तार कितनी तेज हुई? गडकरी ने बताए कितने निजी और सरकारी वाहन हुए स्कैप
Trending Videos
यह भी पढ़ें - Vehicle Scrapping: भारत में वाहन स्क्रैपिंग की रफ्तार कितनी तेज हुई? गडकरी ने बताए कितने निजी और सरकारी वाहन हुए स्कैप
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है?
हां, लोक अदालत में शामिल होने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के सीधे अदालत पहुंचने वालों के मामलों पर सुनवाई नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आवेदक को एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर जारी किया जाता है, जिसमें सुनवाई का समय, तारीख और अदालत परिसर की जानकारी होती है। मामलों की सुनवाई केवल टोकन नंबर के क्रम में ही की जाती है।
यह भी पढ़ें - FASTag: फास्टैग वार्षिक पास को लेकर क्यों जारी की गई चेतावनी? धोखाधड़ी से बचने की अहम जानकारी
हां, लोक अदालत में शामिल होने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के सीधे अदालत पहुंचने वालों के मामलों पर सुनवाई नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आवेदक को एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर जारी किया जाता है, जिसमें सुनवाई का समय, तारीख और अदालत परिसर की जानकारी होती है। मामलों की सुनवाई केवल टोकन नंबर के क्रम में ही की जाती है।
यह भी पढ़ें - FASTag: फास्टैग वार्षिक पास को लेकर क्यों जारी की गई चेतावनी? धोखाधड़ी से बचने की अहम जानकारी
ट्रैफिक चालान सेटल करने की प्रक्रिया क्या है?
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए एक तय प्रक्रिया अपनानी होती है।
यह भी पढ़ें - Tesla: टेस्ला ने यूके में लॉन्च की सबसे सस्ती Model 3, नया वेरिएंट कम कीमत, बेहतर रेंज और स्मार्ट फीचर्स के साथ
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए एक तय प्रक्रिया अपनानी होती है।
- सबसे पहले वाहन मालिक को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या परिवहन पोर्टल पर जाकर अपने लंबित चालानों की जानकारी जांचनी होगी।
- इसके बाद यह देखना जरूरी है कि चालान लोक अदालत के लिए पात्र है या नहीं, क्योंकि केवल छोटे और कंपाउंडेबल मामलों को ही शामिल किया जाता है।
- पात्र होने पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है और सारी जानकारी सावधानी से भरनी चाहिए।
- रजिस्ट्रेशन के बाद टोकन और अपॉइंटमेंट स्लिप डाउनलोड कर प्रिंट निकालना जरूरी है।
- 10 जनवरी को निर्धारित अदालत परिसर में समय से पहले पहुंचकर सुनवाई में शामिल होना होगा।
- लोक अदालत की बेंच मामले की सुनवाई करती है और तय करती है कि जुर्माना माफ होगा या कम किया जाएगा।
- यदि समझौता हो जाता है, तो उसी दिन तय की गई राशि जमा करनी होती है और चालान सिस्टम से बंद कर दिया जाता है।
यह भी पढ़ें - Tesla: टेस्ला ने यूके में लॉन्च की सबसे सस्ती Model 3, नया वेरिएंट कम कीमत, बेहतर रेंज और स्मार्ट फीचर्स के साथ
लोक अदालत की सुनवाई के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
सुनवाई के दिन वाहन चालकों को सभी जरूरी दस्तावेज साथ ले जाने होंगे।
यह भी पढ़ें - AVAS: सरकार ने ईवी के लिए ध्वनिक वाहन चेतावनी प्रणाली को बनाया अनिवार्य, पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर जोर, जानें डिटेल्स
सुनवाई के दिन वाहन चालकों को सभी जरूरी दस्तावेज साथ ले जाने होंगे।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
- ड्राइविंग लाइसेंस
- वाहन बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र
- संबंधित चालान की प्रति
- टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर
यह भी पढ़ें - AVAS: सरकार ने ईवी के लिए ध्वनिक वाहन चेतावनी प्रणाली को बनाया अनिवार्य, पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर जोर, जानें डिटेल्स
कौन से ट्रैफिक चालान लोक अदालत में निपटाए जा सकते हैं?
लोक अदालत में आम तौर पर छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों को शामिल किया जाता है।
यह भी पढ़ें - Suzuki e-Access: सुजुकी ई-एक्सेस इलेक्ट्रिक स्कूटर भारत में लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स
लोक अदालत में आम तौर पर छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों को शामिल किया जाता है।
- हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना
- रेड लाइट जंप करना
- गलत पार्किंग
- ओवरस्पीडिंग
- प्रदूषण प्रमाण पत्र न होना
- ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी
- नंबर प्लेट से जुड़ी गड़बड़ियां
यह भी पढ़ें - Suzuki e-Access: सुजुकी ई-एक्सेस इलेक्ट्रिक स्कूटर भारत में लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स
किन मामलों में चालान माफ नहीं होगा?
गंभीर ट्रैफिक अपराध लोक अदालत के दायरे में नहीं आते।
यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- पीएम मोदी जल्द ही पूरे भारत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरू करेंगे कैशलेस इलाज योजना
गंभीर ट्रैफिक अपराध लोक अदालत के दायरे में नहीं आते।
- शराब पीकर गाड़ी चलाना
- हिट एंड रन या जानलेवा दुर्घटनाएं
- नाबालिग द्वारा वाहन चलाना
- गैरकानूनी रेसिंग
- आपराधिक मामलों से जुड़े वाहन
- पहले से नियमित अदालत में लंबित केस
- दिल्ली के बाहर जारी किए गए चालान
यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- पीएम मोदी जल्द ही पूरे भारत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरू करेंगे कैशलेस इलाज योजना
दिल्ली में लोक अदालत कहां-कहां लगेगी?
10 जनवरी को लोक अदालत दिल्ली के सभी प्रमुख जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जाएगी। इसमें पटियाला हाउस, तिहाड़ हजारी, कड़कड़डूमा, साकेत, रोहिणी, द्वारका, राउज एवेन्यू सहित अन्य जिला अदालतें शामिल हैं।
लोक अदालत आम अदालत से कैसे अलग है?
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मामलों का निपटारा जल्दी होता है। अधिकतर मामलों में एक ही दिन में सुनवाई और फैसला हो जाता है। जुर्माने में राहत मिल सकती है और लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सकता है। हालांकि, केवल वही मामले सुने जाते हैं जो आधिकारिक पोर्टल पर सूचीबद्ध हों और जिनके लिए पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया हो।
यह भी पढ़ें - Car Selling vs Scrapping: पुरानी कार बेचें या स्क्रैप कराएं? सही फैसला लेने की आसान गाइड
10 जनवरी को लोक अदालत दिल्ली के सभी प्रमुख जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जाएगी। इसमें पटियाला हाउस, तिहाड़ हजारी, कड़कड़डूमा, साकेत, रोहिणी, द्वारका, राउज एवेन्यू सहित अन्य जिला अदालतें शामिल हैं।
लोक अदालत आम अदालत से कैसे अलग है?
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मामलों का निपटारा जल्दी होता है। अधिकतर मामलों में एक ही दिन में सुनवाई और फैसला हो जाता है। जुर्माने में राहत मिल सकती है और लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सकता है। हालांकि, केवल वही मामले सुने जाते हैं जो आधिकारिक पोर्टल पर सूचीबद्ध हों और जिनके लिए पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया हो।
यह भी पढ़ें - Car Selling vs Scrapping: पुरानी कार बेचें या स्क्रैप कराएं? सही फैसला लेने की आसान गाइड