Car Selling Tips: कार बेचने से पहले जरूर बरतें ये पांच अहम सावधानियां, नहीं तो पड़ सकते हैं चक्कर में!
पुरानी कार बेचते समय थोड़ी-सी सावधानी आपको भविष्य की बड़ी कानूनी और वित्तीय परेशानियों से बचा सकती है। ऊपर बताए गए इन पांच कदमों को अपनाकर आप निश्चिंत होकर अपने वाहन की बिक्री और सुरक्षित हैंडओवर कर सकते हैं।
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर या देश के किसी भी हिस्से में अपनी पुरानी कार या दोपहिया वाहन बेचना सिर्फ खरीदार ढूंढने और कीमत तय करने तक सीमित नहीं है। यदि वाहन आपके नाम पर रजिस्टर्ड रहते हुए गलत तरीके से ट्रांसफर होता है, तो आगे चलकर कानूनी, वित्तीय और सुरक्षा से जुड़े गंभीर जोखिम पैदा हो सकते हैं।
आज के डिजिटल दौर, सख्त पर्यावरण नियमों और ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम के चलते वाहन बेचते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो गई है। नीचे दी गई ये पांच अहम सावधानियां आपको सुरक्षित और परेशानी-मुक्त बिक्री में मदद करेंगी।
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1. वाहन से सारा निजी डेटा और एक्सेसरी हटाएं
आजकल कारें सिर्फ मैकेनिकल मशीन नहीं, बल्कि स्मार्ट डिवाइस बन चुकी हैं। ऐसे में अनजाने में आपकी निजी जानकारी कार में सेव रह सकती है। वाहन सौंपने से पहले यह चेकलिस्ट जरूर पूरी करें:
- इंफोटेनमेंट सिस्टम से गूगल अकाउंट, एपल कारप्ले, एंड्रॉइड ऑटो या अन्य लॉग-इन प्रोफाइल डिलीट करें।
- सेव किए गए पते, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग और नेविगेशन हिस्ट्री हटा दें।
- अपने नाम से जारी FASTag (फास्टैग) निकालें और बैंक अकाउंट से डी-लिंक करें।
- अगर आपने कोई जीपीएस ट्रैकर या एक्स्ट्रा डिवाइस लगाई है, तो उसे भी हटा लें।
- कनेक्टेड कार फीचर्स (जैसे ब्लूलिंक, आई-कनेक्ट आदि) वाली गाड़ियों में मोबाइल एप से वाहन हटाकर प्रोफाइल डिलीट करें।
यह कदम आपकी प्राइवेसी और डेटा मिसयूज से सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
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2. लिखित सेल एग्रीमेंट बनाएं और उसकी कॉपी रखें
चाहे आप वाहन किसी जान-पहचान वाले को बेच रहे हों या अनजान व्यक्ति को, लिखित सेल एग्रीमेंट बनाना बेहद जरूरी है।
एग्रीमेंट में ये बातें साफ-साफ होनी चाहिए:
- वाहन का मेक, मॉडल और रजिस्ट्रेशन नंबर
- बिक्री राशि और बिक्री की तारीख
- खरीदार और विक्रेता का नाम, पता और पहचान विवरण
- दोनों पक्षों के हस्ताक्षर
इस एग्रीमेंट की एक साइन की हुई कॉपी अपने पास जरूर रखें, ताकि RC ट्रांसफर में देरी या भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में आपके पास कानूनी सबूत मौजूद हो।
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3. RC ट्रांसफर और फॉर्म 29/30 समय पर पूरा करें
वाहन सौंपने से पहले यह सुनिश्चित करें कि फॉर्म 29 और 30 भरे जा चुके हों और RC ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो गई हो।
- इससे यह प्रमाणित होता है कि स्वामित्व ट्रांसफर के लिए जरूरी दस्तावेज आरटीओ में जमा हो चुके हैं।
- यह आपको ट्रांसफर पीरियड के दौरान किसी कानूनी जिम्मेदारी से भी बचाता है।
हालांकि प्रक्रिया Parivahan पोर्टल से ऑनलाइन शुरू की जा सकती है, लेकिन बेहतर यही है कि खरीदार और विक्रेता दोनों आरटीओ जाकर प्रक्रिया पूरी करें।
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4. सभी चालान, टैक्स और बकाया पहले चुकाएं
वाहन पर अगर कोई ई-चालान, टैक्स या अन्य बकाया है, तो RC ट्रांसफर अटक सकता है।
इसलिए बिक्री से पहले सभी बकाया क्लियर करें। इससे न सिर्फ ट्रांसफर आसान होगा, बल्कि नए मालिक के साथ किसी तरह का विवाद भी नहीं होगा।
5. वैध PUC सर्टिफिकेट जरूर रखें
RC ट्रांसफर रिजेक्ट होने का एक आम कारण PUC सर्टिफिकेट का न होना है।
- ट्रांसफर शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि वाहन के पास वैध PUC मौजूद है।
- इसकी जिम्मेदारी मूल मालिक की होती है।
दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए खास सलाह:
अगर आपकी पेट्रोल कार 15 साल से ज्यादा या डीजल कार 10 साल से ज्यादा पुरानी है, तो उसकी RC स्वतः अमान्य हो जाती है। ऐसे में वाहन बेचने की बजाय उसे स्क्रैप कराना, स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट लेना और मुआवजा प्राप्त करना ही सही विकल्प है।
क्या है नतीजा
पुरानी कार बेचते समय थोड़ी-सी सावधानी आपको भविष्य की बड़ी कानूनी और वित्तीय परेशानियों से बचा सकती है। ऊपर बताए गए इन पांच कदमों को अपनाकर आप निश्चिंत होकर अपने वाहन की बिक्री और सुरक्षित हैंडओवर कर सकते हैं।