गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कर्तव्य पथ पर इंडिया गेट के पास पहुंचे, तो उनकी सुरक्षा व्यवस्था ने सबका ध्यान खींचा। पीएम जिस वाहन में पहुंचे, वह एक अत्याधुनिक बख्तरबंद एसयूवी थी, जिसे अक्सर “चलता-फिरता बंकर” कहा जाता है। यह वाहन प्रधानमंत्री के विशेष सुरक्षा काफिले का हिस्सा है और बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों व राजकीय आयोजनों में इस्तेमाल किया जाता है।
PM Modi Car: पीएम मोदी का 'चलता-फिरता बंकर', जानें गणतंत्र दिवस पर दिखी इस हाई-सिक्योरिटी एसयूवी की खूबियां
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके प्रधानमंत्री का रेंज रोवर सेंटिनल जैसी सुरक्षित और खास गाड़ी में आना भी लोगों का ध्यान खींच रहा था। यह गाड़ी न सिर्फ प्रधानमंत्री की सुरक्षा पक्की करती है, बल्कि खास मौकों पर राष्ट्रीय नेतृत्व को दी जाने वाली अहमियत को भी दिखाती है। जानें इसकी खूबियां।
बंकर जैसी सुरक्षा सुविधाएं
रेंज रोवर सेंटिनल में कई एडवांस सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं। इसमें सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक, आर्मर्ड पैसेंजर केबिन और अंडरबॉडी ब्लास्ट प्रोटेक्शन शामिल है। आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें
- आग बुझाने की ऑटोमैटिक प्रणाली
- धुएं या जहरीली गैस से बचाव के लिए ऑक्सीजन सप्लाई
- बाहर संवाद के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम
भारी आर्मर के बावजूद, यह SUV ताकतवर इंजन, स्मूद राइड और प्रीमियम इंटीरियर के साथ आराम और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखती है।
यह भी पढ़ें - India-EU: भारत में यूरोपीय कारें हो सकती हैं सस्ती, आयात शुल्क में बड़ी कटौती की योजना
राष्ट्रीय समारोह के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
गणतंत्र दिवस देश का सबसे अहम राष्ट्रीय पर्व है, इसलिए सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। परेड से पहले पूरे रूट और आसपास के इलाकों की गहन जांच की गई, बैरिकेडिंग की गई और आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया गया।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के पास होती है। ऐसे हाई-प्रोफाइल आयोजनों के लिए SPG पहले से विस्तृत मूवमेंट प्लान तैयार करता है। रेंज रोवर सेंटिनल अक्सर पीएम के काफिले में अग्रणी वाहन के तौर पर इस्तेमाल की जाती है।
यह भी पढ़ें - Car Selling Tips: कार बेचने से पहले जरूर बरतें ये पांच जरूरी सावधानियां, नहीं तो पड़ सकते हैं चक्कर में!
काफिले में ये परिचित SUV भी दिखीं
सेंटिनल के अलावा पीएम के काफिले में कुछ जानी-पहचानी एसयूवी भी नजर आईं। इनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, टाटा हैरियर और महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक शामिल थीं।
हालांकि ये गाड़ियां आम लोगों के लिए भी बाजार में उपलब्ध हैं। लेकिन सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले संस्करणों में अतिरिक्त कम्युनिकेशन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और मिशन के अनुसार जरूरी बदलाव किए जाते हैं।
यह भी पढ़ें - Vehicle Scrappage Policy: पुराने वाहनों की विदाई से नया फायदा, स्क्रैपेज नीति के तहत करोड़ों की राहत
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री मोदी की एंट्री न सिर्फ राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक थी, बल्कि यह भी दिखाती है कि देश के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा के लिए कितनी अत्याधुनिक और बहुस्तरीय व्यवस्था अपनाई जाती है।