RC Transfer: घर बैठे वाहन की आरसी ट्रांसफर कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड और जरूरी दस्तावेजों की पूरी लिस्ट
2026 में वाहन की आरसी ट्रांसफर प्रक्रिया को सरकार ने पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के तहत चल रहे वाहन 4.0/परिवहन पोर्टल के जरिए अब ऑनलाइन आवेदन, फीस भुगतान और दस्तावेज सत्यापन संभव है। लेकिन नए नियमों के अनुसार, अगर टोल, चालान या टैक्स बकाया है तो आरसी ट्रांसफर आगे नहीं बढ़ेगा और एनओसी भी जारी नहीं होगी।
विस्तार
वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) ट्रांसफर करना कानूनन बहुत जरूरी है। अगर आपने गाड़ी बेच दी है या खरीदी है तो आरसी उसी व्यक्ति के नाम होनी चाहिए जिसके पास गाड़ी है। 2026 में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस प्रक्रिया को वाहन 4.0/वाहन पोर्टल के जरिए काफी आसान बना दिया है। लेकिन अब सरकार बकाया रकम (टोल, चालान, टैक्स) को लेकर सख्त है। अगर समय पर आरसी ट्रांसफर नहीं हुई और कोई हादसा हो गया तो पुराना मालिक भी कानूनी तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
वाहन पोर्टल क्या करता है?
सरकार ने वाहन पोर्टल को सभी वाहन सेवाओं का एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म बना दिया है। इसके फायदे हैं कि कागजी काम कम, प्रक्रिया पारदर्शी और आरटीओ में काम तेज हो गया है।
आरसी ट्रांसफर की आसान स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
स्टेप 1: ऑनलाइन आवेदन
- parivahan.gov.in पर जाएं
- ऑनलाइन सर्विसेज > व्हीकल रिलेटेड सर्विसेज चुनें
- अपना राज्य और वाहन नंबर डालें
- ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप पर क्लिक करें
- चेसिस नंबर के आखिरी 5 अंक डालें
- आधार से जुड़े मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफिकेशन करें
स्टेप 2: फॉर्म और फीस
- खरीदार का नाम, पता, बीमा जानकारी भरें
- सिस्टम अपने आप फॉर्म-29 और फॉर्म-30 बना देगा
- आरसी ट्रांसफर फीस और रोड टैक्स (अगर बकाया है) ऑनलाइन भरें
स्टेप 3: बकाया टोल क्लियर करना (नया नियम- 2026)
- पोर्टल अब फास्टैग टोल बकाया चेक करता है
- अगर कोई टोल बाकी है > पहले भुगतान करना होगा
- बिना भुगतान के आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा
स्टेप 4: दस्तावेज जमा और सत्यापन
- ऑनलाइन (फेसलेस सर्विस): साइन किए हुए फॉर्म और आईडी की स्कैन कॉपी अपलोड करें
- ऑफलाइन (कुछ मामलों में): मूल आरसी और चेसिस का पेंसिल प्रिंट लेकर आरटीओ जाना पड़ सकता है
स्टेप 5: नई आरसी जारी होने की प्रक्रिया
- जांच पूरी होने के बाद आवेदन मंजूर होता है
- 15-30 दिन में नई आरसी स्मार्ट कार्ड स्पीड पोस्ट से खरीदार के पते पर आ जाती है
आरसी ट्रांसफर के प्रकार
- सामान्य बिक्री- किसी व्यक्ति या कंपनी को गाड़ी बेचना
- मालिक की मृत्यु- कानूनी वारिस के नाम ट्रांसफर
- सरकारी / बैंक नीलामी- नीलामी से खरीदी गई गाड़ी
जरूरी दस्तावेज (सामान्य बिक्री)
- फॉर्म 29 - ट्रांसफर नोटिस (2 कॉपी)
- फॉर्म 30 - ट्रांसफर रिपोर्ट (2 कॉपी)
- मूल आरसी (स्मार्ट कार्ड या बुकलेट)
- वैध इंश्योरेंस
- पीयूसी सर्टिफिकेट
- पैन या फॉर्म 60 (खरीदार और विक्रेता दोनों)
- चेसिस और इंजन नंबर का पेंसिल प्रिंट
- खरीदार की आईडी और एड्रेस प्रूफ
- 2–3 पासपोर्ट साइज फोटो
- रोड टैक्स क्लियरेंस
नोट: अंतर-राज्यीय ट्रांसफर (NOC) दूसरे राज्य में ट्रांसफर के लिए मूल आरटीओ से फॉर्म 28 (एनओसी) लेना होगा। केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 के तहत, अगर टोल शुल्क या ट्रैफिक चालान बाकी हैं, तो एनओसी जारी नहीं की जाएगी।
वाहन मालिक की मृत्यु होने पर
- फॉर्म 31
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या वसीयत
- शपथ पत्र (एफिडेविट)
नीलामी से खरीदी गाड़ी के लिए
- फॉर्म 32
- सरकारी नीलामी आदेश
- सेल कंफर्मेशन सर्टिफिकेट