Tesla: टक्कर होने से पहले ही खुल जाएंगे एयरबैग! टेस्ला कारों में आ रहा है कमाल का कैमरा आधारित सेफ्टी फीचर
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला अपनी कारों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक क्रांतिकारी तकनीक पर काम कर रही है। अब तक आपने सुना होगा कि एक्सीडेंट होने के तुरंत बाद कारों के एयरबैग खुल जाते हैं, लेकिन टेस्ला एक कदम आगे बढ़कर टक्कर होने से ठीक पहले ही एयरबैग खोलने की तैयारी में है।
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विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Tesla (टेस्ला) अपनी कारों में इस्तेमाल होने वाले ऑनबोर्ड कैमरा सिस्टम (Tesla Vision) को एक नई सुरक्षा क्षमता देने जा रही है। कंपनी का दावा है कि अब यही कैमरा सिस्टम ऐसी परिस्थितियों की पहचान कर सकेगा, जहां टक्कर टालना संभव नहीं होगा। और ऐसे मामलों में कार के एयरबैग पहले की तुलना में 70 मिलीसेकंड तक पहले सक्रिय हो सकेंगे।
आसान शब्दों में कहें तो टेस्ला की कारें अब दुर्घटना होने से ठीक पहले एयरबैग खोलने की तैयारी कर सकेंगी।
कंपनी ने बताया है कि यह सुविधा मौजूदा टेस्ला वाहनों तक भी ओवर-द-एयर (OTA) सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए पहुंचाई जाएगी।
Tesla Vision क्या करेगा?
टेस्ला के अनुसार, उसकी कारों में लगे कैमरों का समूह केवल ड्राइविंग सहायता या ऑटोमेटेड ड्राइविंग के लिए ही नहीं, बल्कि अब दुर्घटना से पहले सुरक्षा तैयारियों में भी अहम भूमिका निभाएगा।
जब सिस्टम को लगेगा कि टक्कर अब टाली नहीं जा सकती, तब:
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कैमरे स्थिति की पहचान करेंगे।
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यह जानकारी ऑनबोर्ड कंप्यूटर को भेजी जाएगी।
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इसके बाद वाहन के इम्पैक्ट सेंसर एयरबैग खोलने का अंतिम फैसला करेंगे।
यानी कैमरे पहले से तैयारी शुरू कर देंगे, जबकि अंतिम निर्णय सेंसर ही लेंगे।
यह नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
टेस्ला ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर इस पूरी तकनीक की कार्यप्रणाली समझाई है।
कंपनी का दावा है कि:
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नई प्रणाली एयरबैग को 70 मिलीसेकंड तक पहले सक्रिय करने में सक्षम होगी।
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गंभीर दुर्घटना की स्थिति में यह छोटा-सा समय भी यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कुछ मिलीसेकंड पहले एयरबैग खुलना क्यों जरूरी है?
पहली नजर में ऐसा लगता है कि एयरबैग टक्कर के साथ ही तुरंत खुल जाते हैं, लेकिन वास्तव में उन्हें पूरी तरह फूलने में कुछ समय लगता है।
कुछ परिस्थितियों में एयरबैग इतनी तेजी से नहीं भर पाते कि यात्रियों को अधिकतम सुरक्षा मिल सके।
टेस्ला का कहना है कि नई तकनीक का मकस इसी समय अंतर को कम करना है। ताकि एयरबैग पहले से तैयार होकर बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकें।
पारंपरिक एयरबैग सिस्टम से यह तकनीक कैसे अलग है?
टेस्ला ने इस नई तकनीक की तुलना पारंपरिक एक्सेलेरोमीटर-आधारित सेंसर से भी की है।
कंपनी के अनुसार:
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पारंपरिक सेंसर तब तक इंतजार करते हैं, जब तक दुर्घटना शुरू नहीं हो जाती।
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उसके बाद ही वे यह तय करते हैं कि एयरबैग को कब और कितनी तीव्रता से खोलना है।
इसके उलट, टेस्ला का कैमरा सिस्टम दुर्घटना होने से पहले ही संभावित स्थिति का आकलन करने की कोशिश करता है।
कैमरे दुर्घटना से पहले क्या-क्या पहचान सकेंगे?
टेस्ला के अनुसार, ऑनबोर्ड कैमरे अब कई महत्वपूर्ण जानकारियों का पहले से अनुमान लगा सकेंगे।
इनमें शामिल हैं:
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संभावित टक्कर के प्रकार की पहचान
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वाहन के संपर्क में आने का अनुमानित समय
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टक्कर की संभावित गंभीरता का आकलन
यह सब उस समय होगा, जब भौतिक क्रैश सेंसर अभी माप लेना भी शुरू नहीं करेंगे।
इससे यात्रियों की सुरक्षा कैसे बढ़ेगी?
कंपनी के मुताबिक, कैमरों से पहले मिलने वाली जानकारी वाहन के रोकथाम प्रणालियों को पहले से सक्रिय होने का समय देगी।
इनमें शामिल हैं:
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एयरबैग सिस्टम
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सीटबेल्ट प्रीटेंशनर्स
इस अतिरिक्त तैयारी समय की मदद से वाहन टक्कर के प्रभाव के लिए पहले से तैयार हो सकेगा। जिससे दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
मौजूदा टेस्ला कारों को भी मिलेगा यह फीचर?
टेस्ला ने पुष्टि की है कि यह नई सुरक्षा सुविधा केवल नई कारों तक सीमित नहीं रहेगी।
कंपनी इसे ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए मौजूदा टेस्ला वाहनों में भी उपलब्ध कराएगी। इससे पात्र टेस्ला कार मालिक बिना हार्डवेयर बदले इस नई सुरक्षा तकनीक का फायदा उठा सकेंगे।