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Steering: भारत में कारों की स्टीयरिंग दाईं तरफ और अमेरिका में बाईं तरफ क्यों होती है? वजह आपको हैरान कर देगी!

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Wed, 03 Jun 2026 03:20 PM IST
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सार

Right Hand Drive vs Left Hand Drive: क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की कारों में स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर और अमेरिकी कारों में बाईं ओर क्यों होता है? यह पूरा सिस्टम ड्राइविंग को सुरक्षित बनाने और सड़क के सेंटर लाइन को साफ देखने के लिए बनाया गया था। इस दिलचस्प लेख में पढ़िए स्टीयरिंग पोजीशन के पीछे का विज्ञान और भारत में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे ट्रैफिक नियमों की कहानी।

Why Cars Have Steering Wheels on the Right in India and on the Left in America
भारत में कारों की स्टीयरिंग दाईं तरफ और अमेरिका में बाईं तरफ क्यों होती है? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई
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विस्तार

अगर आप कभी किसी अमेरिकी कार में बैठे हैं तो आपने एक बड़ा अंतर नजर आया होगा। भारत में कारों का स्टीयरिंग व्हील दाईं तरफ होता है, जबकि अमेरिका में यह बाईं तरफ होता है। लेकिन इसके पीछे का कारण क्या है, ये आपने कभी सोचा है? इसका जवाब कारों के आविष्कार से भी कई सदियों पुराना है, आइए इसे समझते हैं।


सड़क के नियम से तय होती है स्टीयरिंग की जगह

यह पूरा मामला इस बात पर निर्भर करता है कि किस देश में ट्रैफिक सड़क के किस तरफ चलता है। भारत में हम सड़क के बाईं तरफ गाड़ी चलाते हैं, जबकि अमेरिका में दाईं तरफ। स्टीयरिंग व्हील का स्थान सीधे इसी नियम पर आधारित होती है।

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इसके पीछे का लॉजिक बहुत सीधा है:

  • भारत (दाएं-हाथ की ड्राइविंग): जब आप सड़क के बाईं तरफ गाड़ी चलाते हैं तो सामने से आने वाला ट्रैफिक आपकी दाईं तरफ होता है। इसलिए कार में दाईं तरफ बैठने से ड्राइवर को आगे की सड़क और सेंटर लाइन बिल्कुल साफ दिखाई देती है। इससे ओवरटेक करना सुरक्षित और आसान हो जाता है। यही वजह है कि भारत, यूके, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों में स्टीयरिंग दाईं तरफ होता है।
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  • अमेरिका (बाएं-हाथ की ड्राइविंग): अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में ट्रैफिक सड़क के दाईं तरफ चलता है। इसलिए वहां ड्राइवर बाईं तरफ बैठता है। ताकि वह सामने से आने वाले ट्रैफिक को आसानी से देख सके। दोनों जगह लॉजिक एक ही है, बस साइड अलग है।

 

भारत में हम बाईं तरफ ही क्यों चलते हैं?

अब सवाल यह उठता है कि भारत में सड़क के बाईं ओर चलने का नियम कैसे बना? इसका सीधा संबंध अंग्रेजों के शासन (ब्रिटिश कोलोनियल शासन) से है। ब्रिटेन में सदियों से लोग बाईं तरफ चलते आ रहे हैं। इसकी शुरुआत कारों से नहीं, बल्कि घुड़सवारों से हुई थी। पुराने समय में घुड़सवार अपनी तलवार अपनी बाईं कमर पर बांधते थे। सड़क के बाईं तरफ चलने से उनका दाहिना हाथ हमेशा फ्री रहता था, ताकि सामने से आने वाले किसी भी खतरे या दुश्मन का वे आसानी से सामना कर सकें।


आजादी के बाद क्या हुआ?

जब अंग्रेजों ने भारत पर राज किया तो वे अपने सड़क के नियम भी यहां ले आए। 1947 में आजादी मिलने के बाद भी भारत ने अपनी सुविधा के लिए इन्हीं नियमों को जारी रखा। दूसरी तरफ, अमेरिका ने जब ब्रिटिश शासन से आजादी पाई, तो उन्होंने अंग्रेजों के इस नियम को खत्म कर दिया और सड़क के दाईं तरफ चलने का नया सिस्टम अपना लिया।

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