बिहार: पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में तेजी लाएं, रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदकों को दें: सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत सरकार भवनों का निर्माण तेज करने, उनके रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदकों को देने और सोलराइजेशन एस्टीमेट में शामिल करने का निर्देश दिया। जलमीनारों पर 5 की जगह 20 किलोवाट के सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
विस्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने और उनके बेहतर रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जलमीनारों पर प्रस्तावित 5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल की जगह 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने तथा नए पंचायत सरकार भवनों के सोलराइजेशन को निर्माण के एस्टीमेट में ही शामिल करने को कहा है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने विभाग की प्रस्तावित योजनाओं और उनके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान सचिव ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत जलमीनारों पर 5 किलोवाट क्षमता के ऑफग्रिड सोलर पैनल लगाने की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। उन्होंने प्रति योजना प्रतिवर्ष बिजली बिल पर होने वाले खर्च, योजना के क्रियान्वयन और इसमें पंचायती राज विभाग की भूमिका के बारे में बताया। इसके अलावा योजना में ब्रेडा, पटना की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन, सोलर पैनलों के रखरखाव एवं अनुश्रवण, कार्यान्वयन और समन्वय समिति तथा बिजली खर्च से होने वाली बचत के उपयोग से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन भवनों के बेहतर रखरखाव और नियमित देखरेख की व्यवस्था होनी चाहिए। पंचायत सरकार भवनों का निर्माण करने वाले संवेदकों को ही उनके रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाए। इसके लिए संवेदकों की जवाबदेही (लायबिलिटी) तय करते हुए प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने पंचायत सरकार भवनों के सोलराइजेशन को निर्माण के एस्टीमेट में ही शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस कार्य को 15वें वित्त आयोग और सप्तम राज्य वित्त आयोग से भी जोड़ने को कहा, ताकि इसके लिए समय पर आवश्यक राशि उपलब्ध हो सके और काम में तेजी लाई जा सके।
पढे़ं: 15 साल पुराने लाउडस्पीकर कांड में सीवान कोर्ट पहुंचे लालू यादव, समर्थकों की उमड़ी भीड़
उन्होंने कहा कि पंचायतों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी नियमित रूप से मिलनी चाहिए। इसके लिए एक समर्पित टीम गठित की जाए। यह टीम पंचायत के मुखिया, विधायक और सांसद सहित सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों के निर्धारित मोबाइल नंबर पर उनके क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन बिजली आपूर्ति के घंटों की जानकारी उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री ने जलमीनारों पर सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित 5 किलोवाट की जगह 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों को इस व्यवस्था का अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह किया जाए, जिससे पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो, ऊर्जा की बचत हो और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।