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Bihar News: सरकारी अस्पतालों में अब हाईटेक होगी आंखों की सर्जरी, Eye OPD और Eye OT होंगे अपग्रेड
Wed, 29 Jul 2026 05:35 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 29 Jul 2026 05:35 PM IST
सार
बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की बड़ी पहल की है। स्वास्थ्य विभाग ने Eye OPD और Eye OT में उपलब्ध उपकरणों का गैप एनालिसिस कराने का निर्देश दिया है।
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निशांत कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार सरकार ने राज्य में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सात निश्चय-3 के तहत स्वास्थ्य विभाग ने जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में संचालित Eye OPD और Eye Operation Theatre (Eye OT) की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों का गैप एनालिसिस कराया जाएगा, ताकि जहां कमी है, वहां चरणबद्ध तरीके से आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें।
सात निश्चय-3 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में नई पहल की है। इसी क्रम में जिला अस्पतालों और अनुमंडलीय अस्पतालों में संचालित Eye OPD और Eye Operation Theatre (Eye OT) की सेवाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक उपकरणों का गैप एनालिसिस (Gap Analysis) कराने का निर्देश जारी किया गया है।
25 जिला अस्पतालों में पहले से हो रही मोतियाबिंद की सर्जरी
वर्तमान में बिहार के 25 जिला अस्पतालों में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। अब स्वास्थ्य विभाग सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में Eye OT की मौजूदा सुविधाओं और आवश्यक उपकरणों की समीक्षा करेगा। गैप एनालिसिस के आधार पर आधुनिक उपकरण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिला अस्पतालों और अनुमंडलीय अस्पतालों में नेत्र सर्जरी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
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बड़े शहरों की दौड़ से मिलेगी राहत
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को आंखों के इलाज और ऑपरेशन के लिए अनावश्यक रूप से बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। इसके लिए जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हर जिले में मिलेगी बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को उसके नजदीकी सरकारी अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं मिलें। उन्होंने कहा कि Eye OPD और Eye OT को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सशक्त किया जा रहा है, ताकि आंखों की बीमारियों का समय पर इलाज और ऑपरेशन जिला स्तर पर ही हो सके। इससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और अनावश्यक रेफरल के मामलों में भी कमी आएगी।
IPHS मानकों के अनुसार होगी उपकरणों की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (IPHS) के अनुरूप Eye OPD और Eye OT में उपलब्ध उपकरणों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान अस्पतालों में वास्तविक जरूरत का आकलन किया जाएगा और जिन उपकरणों की कमी होगी, उनकी पहचान कर चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा।
BEMMP पोर्टल से होगी निगरानी
निर्देश में कहा गया है कि अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों का सत्यापन BEMMP पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इससे उपकरणों की उपलब्धता और उनके उपयोग की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गैप एनालिसिस रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर के अस्पतालों में आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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सात निश्चय-3 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में नई पहल की है। इसी क्रम में जिला अस्पतालों और अनुमंडलीय अस्पतालों में संचालित Eye OPD और Eye Operation Theatre (Eye OT) की सेवाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक उपकरणों का गैप एनालिसिस (Gap Analysis) कराने का निर्देश जारी किया गया है।
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25 जिला अस्पतालों में पहले से हो रही मोतियाबिंद की सर्जरी
वर्तमान में बिहार के 25 जिला अस्पतालों में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। अब स्वास्थ्य विभाग सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में Eye OT की मौजूदा सुविधाओं और आवश्यक उपकरणों की समीक्षा करेगा। गैप एनालिसिस के आधार पर आधुनिक उपकरण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिला अस्पतालों और अनुमंडलीय अस्पतालों में नेत्र सर्जरी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
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बड़े शहरों की दौड़ से मिलेगी राहत
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को आंखों के इलाज और ऑपरेशन के लिए अनावश्यक रूप से बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। इसके लिए जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हर जिले में मिलेगी बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को उसके नजदीकी सरकारी अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं मिलें। उन्होंने कहा कि Eye OPD और Eye OT को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सशक्त किया जा रहा है, ताकि आंखों की बीमारियों का समय पर इलाज और ऑपरेशन जिला स्तर पर ही हो सके। इससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और अनावश्यक रेफरल के मामलों में भी कमी आएगी।
IPHS मानकों के अनुसार होगी उपकरणों की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (IPHS) के अनुरूप Eye OPD और Eye OT में उपलब्ध उपकरणों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान अस्पतालों में वास्तविक जरूरत का आकलन किया जाएगा और जिन उपकरणों की कमी होगी, उनकी पहचान कर चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा।
BEMMP पोर्टल से होगी निगरानी
निर्देश में कहा गया है कि अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों का सत्यापन BEMMP पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इससे उपकरणों की उपलब्धता और उनके उपयोग की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गैप एनालिसिस रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर के अस्पतालों में आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।