Bihar: हनुमान जन्मोत्सव पर महावीर मंदिर में उमड़ी भीड़, मंत्री अशेक चौधरी और रामकृपाल यादव ने की पूजा अर्चना
पटना के महावीर मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव पर भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। 8200 किलो नैवेद्यम बिका। वीआईपी नेताओं ने पूजा की। आईजी ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर कड़े इंतजाम के निर्देश दिए।
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महावीर मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महावीर जी को विभिन्न फल-फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। गुरुवार को जन्मोत्सव होने के कारण सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं।
गर्भगृह में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए 80 टन क्षमता का चार डक्ट एसी लगाया गया, जिससे भक्तों को काफी सुविधा मिली और वे आराम से पूजा-पाठ कर सके। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण भगवान की पूजा भी की।
मंदिर में मंत्री अशोक चौधरी और सांसद रामकृपाल यादव ने भी पूजा-अर्चना की। आरती के दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने शंखनाद किया। महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश द्वार पर आधुनिक सुरक्षा जांच मशीनें लगाई गई हैं, जिनसे सुरक्षा जांच के साथ-साथ हेड काउंटिंग भी संभव है। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर नैवेद्यम की मांग काफी बढ़ गई और कुल 8200 किलो नैवेद्यम की बिक्री दर्ज की गई।
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सुरक्षा व्यवस्था का आईजी ने लिया जायजा
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सरकारी और निजी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। आईजी जितेंद्र राणा भी मंदिर पहुंचे, पूजा-अर्चना की और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने महावीर मंदिर टीओपी में स्थायी प्रभारी की तैनाती, बैगेज स्कैनर की व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंदिर की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, रेल एसपी से भी इस संबंध में चर्चा की गई और मंदिर खुलने से लेकर बंद होने तक पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने का निर्देश दिया गया।
परंपरा और आस्था का संगम
पंडित भवनाथ झा के अनुसार, महावीर मंदिर में रामानंदाचार्य परंपरा के तहत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को विधिपूर्वक हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से चैत्र पूर्णिमा के दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इसे देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। हनुमान जी की आराधना विभिन्न रूपों में होती है, एकमुखी रुद्रावतार के रूप में तो कहीं पंचमुखी स्वरूप में। दक्षिण भारत में चैत्र पूर्णिमा को जन्मोत्सव मनाया जाता है, जबकि रामानंदाचार्य परंपरा कार्तिक मास को मानती है। इसी विविधता को ध्यान में रखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।