Saran Lok Sabha : आज सारण में सत्ता का संग्राम; लोकसभा चुनाव के बहाने चाय पर चर्चा, इन मुद्दों पर बात
'अमर उजाला' का चुनावी रथ सारण पहुंच चुका है। सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाता अपनी बात रखी। इसके बाद दोपहर में युवाओं के मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं, शाम को राजनीतिक दलों के नेताओं सवाल-जवाब होंगे।
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सारण लोकसभा सीट 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थी। इससे पहले दो बार लगातार 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव यहां के सांसद रहे। उन्होंने दोनों वर्तमान सांसद और भाजपा प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी को हराया। इसके बाद से 2014 के लोकसभा चुनाव में राजद की तरफ से लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी चुनावी मैदान में थीं। इस बार रूडी ने उन्हें हरा दिया। 2019 में भी रूडी ने लालू यादव के समधी चंद्रिका रॉय को हरा दिया। अब बात 2024 के चुनाव की कर लेते हैं। इस बार भाजपा ने सारण लोकसभा सीट से सांसद राजीव प्रताप रूडी को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, राजद की तरफ से लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य मैदान में हैं।
वोटरों से उनके मन की बात पूछी जा रही
इस समय 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' भी बिहार में है और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सारण (छपरा) में लोगों से बातचीत करने के लिए पहुंच चुका है। शहर के कचहरी स्टेशन के पास चाय पर चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई। चाय की चुस्की के साथ सारण लोकसभा सीट के मतदाताओं ने विकास, रोजगार पर बात की।
मतदाताओं ने की इन मुद्दों पर बात
मतदाताओं ने कहा कि इस बार हमलोग विकास करने वालों को वोट दे रहे हैं। पांच किलो अनाज के लिए हमलोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्य की बात है। चुनाव आते ही नेता प्रचार-प्रसार करती है। इससे पहले नहीं दिखते हैं। आप ऐसा काम कीजिए कि आपको प्रचार की जरूरत ही नहीं पड़े। वहीं हरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले देश फिर राज्य फिर जिला। हमलोग पहले देश हित में मतदान करेंगे। वहीं एक अन्य मतदाता ने कहा कि हिन्दू और मुस्लिम के नाम पर जनता इस बार वोट नहीं करेगी। स्थानीय स्तर पर हमारे जनप्रतिनिधि ने क्या दिया? यह बताना चाहिए। मढ़ौरा का चीनी मिल बंद हुआ था। अब तक चालू नहीं हुआ। कौन जिम्मेदार है? मतदाताओं ने बेरोजगारी और महंगाई पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कोई पार्टी जनता के मुद्दों पर बात ही नहीं करती है। सभी दल के नेता एक-दूसरे के बारे में भला-बुरा कहते रहे हैं। जाति और धर्म में हमलोगों को बांटने की कोशिश करते हैं।
चुनावी यात्रा के दौरान अमर उजाला का यह चुनावी रथ हर रोज नई लोकसभा सीट पर जाएगा। इस दौरान उस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से चाय पर चर्चा होगी। अनौपचारिक बातचीत में जनता के मुद्दों, उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। हम युवाओं के बीच जाएंगे, जहां उनकी समस्याओं और उम्मीदों पर चर्चा करेंगे। नए भारत के नए मतदाताओं की सपनों की उड़ान को पंख कैसे लगेंगे, इस पर भी चर्चा करेंगे।