Bihar: 'सुरक्षा कोई उपकार नहीं, लालू परिवार हकदार है', ऐसा कहते हुए RJD ने बोला सीएम सम्राट चौधरी पर हमला
Bihar Politics: राजद ने आरोप लगाया कि एनडीए अति पिछड़ा समाज के नेतृत्व की संभावना को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। एनडीए में अति पिछड़ा समाज के नेता को पूरी तरह से समाप्त करने की साजिश में लगी हुई है। सीएम अनर्गल बयान दे रहे हैं।
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोमवार को प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान पूरी तरह सुनियोजित, अनर्गल, अनुचित और अमर्यादित है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय के योद्धा हैं और आज भी गरीबों, वंचितों तथा पिछड़े वर्गों के बीच विश्वास और सम्मान के प्रतीक बने हुए हैं।
मंगनी लाल मंडल ने कहा कि लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को मिली सुरक्षा उनके संवैधानिक पदों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। यह किसी सरकार की मेहरबानी या उपकार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कई ऐसे लोगों को भी सुरक्षा प्रदान कर रही है जो निर्धारित मानकों के दायरे में नहीं आते। मंडल ने कहा कि एनडीए सरकार अति पिछड़ा समाज के नेतृत्व को कमजोर करने की साजिश कर रही है और समाज के कमजोर वर्गों के साथ हो रहे अत्याचारों पर मौन है। लालू जी जब भी दिल्ली जाते हैं, तो अपनी बेटी डॉक्टर मीसा भारती के आवास में रुकते हैं। जबकि दूसरे लोग दिल्ली में भी फ्लैट रखे हुए हैं और उन्हें बिहार में भी फ्लैट मिला हुआ है। एनडीए सरकार में सबसे अधिक अति पिछड़ा ,दलित समाज की बच्चियों के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं हो रही है जिनकी संख्या 60 से 70% है।
सरकार सुरक्षा और आवास जैसे मुद्दों पर जनता को गुमराह कर रही
राजद के मुख्य प्रवक्ता प्रो. मनोज कुमार झा ने कहा कि हम लोग खलनायक को भी खलनायक नहीं कहते, जबकि लालू प्रसाद यादव लोगों के दिलों के नायक हैं और आमजन के बीच जननायक तथा महानायक के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) का वास्तविक अर्थ क्या है। केवल बयान देने से कुछ नहीं होगा। बिहार में बेगूसराय, चंपारण, समस्तीपुर समेत कई जिलों में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन सरकार इस पर कुछ नहीं बोल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुरक्षा और आवास जैसे मुद्दों पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जबकि अपराध नियंत्रण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
नीट छात्रा प्रकरण में अब तक न्याय नहीं मिला?
प्रो. झा ने कहा कि प्रधानमंत्री जब भी बिहार आते थे तो बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं करते थे, लेकिन आज वे चुप क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की पूरी संरचना ऐसी बना दी गई है कि शासन तंत्र-मंत्र और षड्यंत्र के सहारे चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव नीतीश कुमार के नाम पर लड़ा गया था, लेकिन अब ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना दिया गया है, जिसके नाम पर जनता से जनादेश नहीं लिया गया था। उन्होंने नीट छात्रा प्रकरण का उल्लेख करते हुए पूछा कि अब तक पीड़िता को न्याय क्यों नहीं मिला और सरकार इस पर जवाब क्यों नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री बिहार संभालने की स्थिति में नहीं हैं तो उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। सरकार के पास सभी एजेंसियां और पूरा प्रशासनिक तंत्र होने के बावजूद अपराध चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त है। साथ ही उन्होंने पूछा कि चुनाव के समय महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की घोषणा करने वाले लोग यह क्यों नहीं बता रहे कि एक लाख 90 हजार रुपये कब दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री का काफिला किसी राजा-महाराजा की तरह चलता है
प्रो. झा ने कहा कि मुख्यमंत्री का काफिला किसी राजा-महाराजा की तरह चलता है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल अपने संकल्पों के साथ बिहार की जनता के बीच खड़ा है। उन्होंने कहा कि सदन में भले ही उनकी संख्या कम हो, लेकिन यदि वे जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतर गए तो सरकार उसका मुकाबला नहीं कर पाएगी। उन्होंने राज्य में वेतन और पेंशन भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनके अपने पिता को तीन महीने से पेंशन नहीं मिली है। यह एक गंभीर सवाल है, लेकिन सरकार इस पर जवाब देने को तैयार नहीं है। एनकाउंटर की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए प्रो. झा ने कहा कि किसी भी अपराधी के खिलाफ कानूनी जांच और अनुसंधान आवश्यक होता है, ताकि उसके आपराधिक इतिहास और उसके नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जब एनकाउंटर हो जाता है तो कई बार सच्चाई और उसके पीछे के तथ्य सामने नहीं आ पाते।
इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं
पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने मुख्यमंत्री की भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में पहचाने जाते हैं। मेहता ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो उन्हें स्वयं भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था हटाने की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पर्दे के पीछे से संचालित हो रही है और राजनीतिक शिष्टाचार का लगातार ह्रास हो रहा है।
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