Bihar: जेल में बंद कैदी की मौत, परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप, प्रशासन बोला- सांस लेने में दिक्कत से गई जान
जेल में बंद मारपीट के आरोपी कैदी विश्वनाथ चौहान की रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन के अनुसार सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हुई। वहीं, परिजनों ने जेल में मारपीट और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जेल में बंद मारपीट के आरोपी एक कैदी की रविवार को मौत हो गई। मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मर्दापुर पश्चिम टोला निवासी विश्वनाथ चौहान के रूप में हुई है। वह स्व. रामायण महतो का पुत्र था। घटना के संबंध में मृतक की पत्नी गायत्री देवी ने बताया कि हमलोगों ने मकान का निर्माण कार्य शुरू किया था, जहां पट्टीदारों के साथ विवाद हो गया।
इसके बाद पट्टीदारों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की, जिसमें सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान उनके पति विश्वनाथ चौहान को भी गंभीर चोट लगी थी। पट्टीदारों ने उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। इसके बाद 22 जुलाई को मुफस्सिल थाना पुलिस ने उनके पति विश्वनाथ चौहान को गिरफ्तार कर लिया। तभी से वह जेल में बंद थे।
रविवार को अचानक सूचना मिली कि उनकी तबीयत खराब हो गई है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि रविवार को अचानक विश्वनाथ चौहान को सांस लेने में दिक्कत हुई। उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। इधर, मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप
इधर, सदर अस्पताल में मौजूद परिजनों ने मृतक विश्वनाथ चौहान के साथ जेल में मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि विश्वनाथ चौहान के साथ जेल में मारपीट की गई और चोट लगने के बाद उनका इलाज नहीं कराया गया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि वे जब भी विश्वनाथ चौहान से मिलने जाते थे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था।
प्लंबर का काम करता था विश्वनाथ चौहान
बताया जाता है कि विश्वनाथ चौहान परिवार के पालन-पोषण के लिए प्लंबर का काम करता था। उसके दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं, जो अभी छोटे हैं। विश्वनाथ चौहान की मौत के बाद उनकी पत्नी गायत्री देवी पति की याद में रोते-रोते अचेत हो जा रही थीं। वहीं, बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
ये भी पढ़ें- Bihar: रहस्यमयी विष्णु प्रतिमा! ग्रामीणों का दावा- दिन में तीन बार बदलता है रंग, प्राचीन लिपि भी बनी पहेली
पटना में कराया जाएगा पोस्टमार्टम
बताया जाता है कि जेल में बंद कैदी की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम पटना में कराया जाएगा। जेल कर्मियों के अनुसार, कैदी की मौत होने के बाद चिकित्सकों के बोर्ड की निगरानी में पटना में पोस्टमार्टम कराया जाता है। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जेल प्रशासन आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।