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BPSC 70th Result: दरभंगा की बेटी प्रिया ने टॉप-10 में बनाई जगह, कुंदन कुमार झा को 74वीं रैंक; बढ़ाया मान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:24 AM IST
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सार
बीपीएससी 70वीं परीक्षा में दरभंगा की प्रिया कुमारी ने 10वीं रैंक हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई, जबकि कसरौर गांव के कुंदन कुमार झा ने 74वीं रैंक प्राप्त की। प्रिया ने बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से सफलता पाई। दोनों की उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है।
दरभंगा की बेटियों ने जिले का नाम रोशन किया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में दरभंगा के दो होनहार युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। लक्ष्मीसागर मोहल्ले की रहने वाली प्रिया कुमारी ने राज्यभर में 10वीं रैंक हासिल कर टॉप-10 में जगह बनाई है, जबकि गौराबौराम प्रखंड के कसरौर गांव निवासी कुंदन कुमार झा ने 74वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। परिणाम घोषित होते ही दोनों अभ्यर्थियों के घरों में खुशी का माहौल है। परिजन, रिश्तेदार और शुभचिंतक लगातार पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं।
सेल्फ स्टडी से हासिल की बड़ी सफलता
प्रिया कुमारी ने अपनी शुरुआती शिक्षा पटना से प्राप्त की। दसवीं तक की पढ़ाई उन्होंने पटना में पूरी की, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई दरभंगा से की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। खास बात यह रही कि प्रिया ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी के माध्यम से की और अपने लक्ष्य पर लगातार फोकस बनाए रखा। प्रिया ने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए कहा कि यदि कोई छात्र अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर ले और उसे पाने के लिए पूरी ईमानदारी, मेहनत और निरंतरता के साथ प्रयास करे, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
माता-पिता और शिक्षकों को दिया श्रेय
प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां ज्योति कुमारी ने हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जबकि पिता सुभाष चंद्र यादव ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। प्रिया ने अपने दिवंगत दादा श्याम बिहारी यादव के संस्कारों और आशीर्वाद को भी अपनी सफलता का अहम आधार बताया।
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साधारण परिवार से निकलकर रचा इतिहास
प्रिया एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनकी मां गृहिणी हैं, जबकि पिता लक्ष्मीसागर में मसालों की छोटी दुकान चलाते हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा में कोई समझौता नहीं किया। यही वजह है कि आज उनकी बेटी ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
ये भी पढ़ें- BPSC Result: किशनगंज की बेटियों ने बढ़ाया जिले का मान, अंजली बनीं SDM; शिप्रा को मिला आपूर्ति निरीक्षक का पद
कुंदन कुमार झा ने भी बढ़ाया गौरव
वहीं गौराबौराम प्रखंड के कसरौर गांव निवासी कुंदन कुमार झा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 74वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। कुंदन, प्रकाश झा के पुत्र और रामचंद्र झा के पौत्र हैं। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। परिजनों के अनुसार कुंदन शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और समर्पण के साथ की।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
प्रिया और कुंदन दोनों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
सेल्फ स्टडी से हासिल की बड़ी सफलता
प्रिया कुमारी ने अपनी शुरुआती शिक्षा पटना से प्राप्त की। दसवीं तक की पढ़ाई उन्होंने पटना में पूरी की, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई दरभंगा से की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। खास बात यह रही कि प्रिया ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी के माध्यम से की और अपने लक्ष्य पर लगातार फोकस बनाए रखा। प्रिया ने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए कहा कि यदि कोई छात्र अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर ले और उसे पाने के लिए पूरी ईमानदारी, मेहनत और निरंतरता के साथ प्रयास करे, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
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माता-पिता और शिक्षकों को दिया श्रेय
प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां ज्योति कुमारी ने हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जबकि पिता सुभाष चंद्र यादव ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। प्रिया ने अपने दिवंगत दादा श्याम बिहारी यादव के संस्कारों और आशीर्वाद को भी अपनी सफलता का अहम आधार बताया।
साधारण परिवार से निकलकर रचा इतिहास
प्रिया एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनकी मां गृहिणी हैं, जबकि पिता लक्ष्मीसागर में मसालों की छोटी दुकान चलाते हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा में कोई समझौता नहीं किया। यही वजह है कि आज उनकी बेटी ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
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कुंदन कुमार झा ने भी बढ़ाया गौरव
वहीं गौराबौराम प्रखंड के कसरौर गांव निवासी कुंदन कुमार झा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 74वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। कुंदन, प्रकाश झा के पुत्र और रामचंद्र झा के पौत्र हैं। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। परिजनों के अनुसार कुंदन शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और समर्पण के साथ की।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
प्रिया और कुंदन दोनों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।