बिहार: डीएमसीएच में 12 घंटे से इमरजेंसी ठप, ओपीडी भी बंद, जूनियर डॉक्टर से गाली-गलौज के बाद हड़ताल; मरीज बेहाल
दरभंगा के डीएमसीएच में जूनियर डॉक्टर और मरीज के परिजन के बीच विवाद के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। इमरजेंसी सेवा करीब 12 घंटे और ओपीडी भी बंद रही। डॉक्टरों ने सुरक्षा और परिजनों पर कार्रवाई की मांग की है।
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उत्तर बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले डीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जूनियर डॉक्टर के साथ मरीज के परिजन की कथित गाली-गलौज के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी। इसके चलते दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात डीएमसीएच के मेडिसिन विभाग में मरीज को दिखाने को लेकर एक महिला परिजन और जूनियर डॉक्टर के बीच विवाद हो गया। जूनियर डॉक्टर ने महिला परिजन पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। घटना के बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा ठप कर दी। हंगामे की सूचना मिलने पर बेंता थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला परिजन को पुलिस संरक्षण में ले लिया।
गुरुवार सुबह नाराज जूनियर डॉक्टरों ने डीएमसीएच की ओपीडी सेवा भी बंद करवा दी। अचानक हुई हड़ताल के कारण दरभंगा के अलावा सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और मधुबनी से रेफर होकर आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई।
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जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि पिछले एक महीने के भीतर मेडिसिन विभाग में इस तरह की यह दूसरी घटना है। डॉक्टरों की मांग है कि मरीज और उनके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
इधर, घटना के बाद डीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. यूसी जहां, अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा समेत तमाम अधिकारी जूनियर डॉक्टरों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अस्पताल में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।