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केन-बेतवा परियोजना पर फिर बवाल: बच्चों संग चिताओं पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Mon, 11 May 2026 07:56 AM IST
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सार

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में छतरपुर में ‘चिता आंदोलन’ फिर शुरू हो गया। आंदोलनकारी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी महिलाओं ने एसपी कार्यालय घेरा और बच्चों संग चिताओं पर लेटकर प्रदर्शन किया। प्रशासन मौके पर तैनात है।

Fresh Uproar Over Ken-Betwa Project Tribal Women Lie on Funeral Pyres with Their Children news in hindi
चिता आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में एक बार फिर ‘चिता आंदोलन’ शुरू हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर को पन्ना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने पहले पन्ना एसपी कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद महिलाएं परियोजना के निर्माण स्थल पर पहुंचीं और अपने मासूम बच्चों के साथ जलने के लिए तैयार चिताओं पर लेट गईं।

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आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक अमित भटनागर को रिहा नहीं किया जाएगा, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। महिलाओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाली नहीं हैं। मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं

पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
इससे पिछले महीने यानी अप्रैल में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया था। जहां प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई थी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया था।



रोक-टोक और धारा 163 लागू हुआ था
आंदोलनकारियों का कहना था कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया था।
 

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