Bihar News: नाम हटाने की कीमत 10 हजार! गया में रिश्वत लेते चौकीदार गिरफ्तार, निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई
गया जिले के बेलागंज थाना में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चौकीदार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जमीनी विवाद से जुड़े मारपीट के मामले में आरोपी का नाम हटाने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई थी।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी विभाग ने गया जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बेलागंज थाना के एक चौकीदार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। चौकीदार पर जमीनी विवाद से जुड़े एक मारपीट मामले में आरोपी का नाम हटाने के एवज में पैसे मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की चर्चा शुरू हो गई है।
पूर्व सरपंच की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, बेलागंज थाना क्षेत्र के पूर्व सरपंच रविंद्र यादव ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि थाना में दर्ज एक मामले से आरोपी का नाम हटाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई।
10 हजार रुपये की मांग, 7 हजार लेते पकड़ा गया
जांच में सामने आया कि बेलागंज थाना में पदस्थापित एएसआई अशोक कुमार और चौकीदार मनीष कुमार द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही चौकीदार मनीष कुमार ने 7 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर स्वीकार किए, निगरानी विभाग की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
जमीनी विवाद और मारपीट के मामले से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि पूरा मामला जमीनी विवाद में हुई मारपीट की घटना से संबंधित है। आरोप है कि केस में शामिल एक आरोपी का नाम हटाने के लिए पैसे की मांग की जा रही थी। पीड़ित पक्ष ने इसकी जानकारी निगरानी विभाग को दी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी समीर चंद्र झा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
निगरानी विभाग की यह कार्रवाई डीएसपी समीर चंद्र झा के नेतृत्व में की गई। टीम ने पूरी योजना के तहत रिश्वत लेते हुए चौकीदार को गिरफ्तार किया और उसे अपने साथ लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
चौकीदार और आईओ दोनों पर दर्ज हुआ मामला
निगरानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार चौकीदार के साथ-साथ मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) के खिलाफ भी भ्रष्टाचार से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। विभाग अब पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही कार्रवाई
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं घटना के बाद बेलागंज थाना सहित पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।