Bihar News: महिला की मौत पर परिजनों ने सदर अस्पताल में काटा बवाल, डर से डॉक्टर्स OPD छोड़ भागे
Bihar News: औरंगाबाद में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसके बाद करीब तीन घंटे तक ओपीडी सेवाएं ठप रहीं और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विस्तार
औरंगाबाद सदर अस्पताल में सड़क हादसे में एक महिला की मौत के बाद बुधवार को आक्रोशित परिजनों ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ओपीडी छोड़कर भाग गए और करीब तीन घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। मृतका की पहचान रफीगंज थाना क्षेत्र के सैफगंज गांव निवासी अजीत कुमार की पत्नी नीलू कुमारी (22) के रूप में हुई है।
बाइक दुर्घटना में हुई महिला की मौत
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से अजीत अपनी पत्नी को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद परिजन भड़क उठे और अस्पताल में हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप था कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण नीलू की मौत हुई है। उनके हंगामे से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
डॉक्टर और स्टाफ ओपीडी छोड़कर भागे
परिजनों के आक्रोश को देखकर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर अभिषेक कुमार समेत अन्य चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ सुरक्षा के मद्देनज़र ओपीडी छोड़कर चले गए। इस दौरान इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग बिना इलाज कराए ही लौट गए।
सदर अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी महिला की मौत
हंगामे की सूचना पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे डॉक्टरों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने नगर थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन परिजन काफी देर तक नहीं माने। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाया, जिसमें स्पष्ट दिखा कि मरीज के पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच कर ईसीजी के लिए भेजा था और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की पुष्टि की गई।
तीन घंटे तक ठप रही ओपीडी सेवाएं
हंगामे के कारण करीब तीन घंटे तक सदर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं। कई गंभीर मरीज इलाज के इंतजार में परेशान रहे। बाद में औरंगाबाद नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा करीब 50 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि देर शाम तक भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकीं।
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सदमे में परिजन
नीलू कुमारी की मौत से परिवार सदमे में है। उनकी बेटी नैना कुमारी (12) और बेटा आर्यन कुमार (10) का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पति अजीत कुमार भी गहरे सदमे में हैं। मामला शांत होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।