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Bihar News: गैस खत्म तो जुगाड़ शुरू! स्कूल में ईंट के चूल्हे पर पक रहा बच्चों का मिड-डे मील
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 07:09 PM IST
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सार
जहानाबाद के शहर स्थित मिडिल स्कूल ऊंटा में गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होने से मध्याह्न भोजन योजना चलाने में परेशानी आ रही है। बच्चों का खाना बंद न हो, इसके लिए स्कूल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए रसोइयों से ईंट का अस्थायी चूल्हा बनवाया है।
ईंट के चूल्हे पर बन रहा बच्चों का भोजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जहानाबाद शहर के मिडिल स्कूल ऊंटा में गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन योजना चलाने में काफी परेशानी होने लगी है। ऐसी स्थिति में विभाग के निर्देश के अनुसार स्कूल में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। रसोइयों से ईंट का अस्थायी चूल्हा बनवाया जा रहा है ताकि बच्चों के लिए बनने वाला भोजन किसी भी हालत में बंद न हो।
गैस सिलेंडर की कमी से बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि स्कूल में पिछले कुछ समय से गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण रसोइयों को मध्याह्न भोजन बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों के लिए रोजाना बनने वाला खाना प्रभावित न हो, इसे देखते हुए स्कूल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का फैसला लिया।
ईंट जोड़कर बनाया जा रहा अस्थायी चूल्हा
इस समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक फिलहाल ईंट का अस्थायी चूल्हा बनाकर खाना बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। स्कूल परिसर में रसोइयों की मदद से ईंटों को जोड़कर चूल्हा तैयार किया जा रहा है, जिस पर बच्चों के लिए भोजन पकाया जाएगा। स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन किसी भी हालत में बंद नहीं होने दिया जाएगा और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि ईंट का चूल्हा तैयार होने के बाद भोजन बनाने में अब ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
पढ़ें: रात में घर से निकला युवक, सुबह खेत में मिला शव; पत्नी बोली- कर्ज मांगने वाला ही बना कातिल
गैस मिलते ही फिर शुरू होगा गैस चूल्हे पर खाना
विद्यालय के प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की वजह से यह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देश के अनुसार रसोइयों से ईंट का चूल्हा बनवाया जा रहा है ताकि समय पर बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा सके और योजना ठीक से चलती रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य होगी, स्कूल में फिर से गैस चूल्हे पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है ताकि मध्याह्न भोजन योजना का लाभ छात्रों को लगातार मिलता रहे।
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गैस सिलेंडर की कमी से बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि स्कूल में पिछले कुछ समय से गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण रसोइयों को मध्याह्न भोजन बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों के लिए रोजाना बनने वाला खाना प्रभावित न हो, इसे देखते हुए स्कूल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का फैसला लिया।
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ईंट जोड़कर बनाया जा रहा अस्थायी चूल्हा
इस समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक फिलहाल ईंट का अस्थायी चूल्हा बनाकर खाना बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। स्कूल परिसर में रसोइयों की मदद से ईंटों को जोड़कर चूल्हा तैयार किया जा रहा है, जिस पर बच्चों के लिए भोजन पकाया जाएगा। स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन किसी भी हालत में बंद नहीं होने दिया जाएगा और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि ईंट का चूल्हा तैयार होने के बाद भोजन बनाने में अब ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
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गैस मिलते ही फिर शुरू होगा गैस चूल्हे पर खाना
विद्यालय के प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की वजह से यह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देश के अनुसार रसोइयों से ईंट का चूल्हा बनवाया जा रहा है ताकि समय पर बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा सके और योजना ठीक से चलती रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य होगी, स्कूल में फिर से गैस चूल्हे पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है ताकि मध्याह्न भोजन योजना का लाभ छात्रों को लगातार मिलता रहे।