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Bihar: ममता का मुखौटा और अपहरण का सच, 4 साल बाद मिला बेटा, पर असली मां-बाप को पहचानने से किया इनकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 21 May 2026 08:57 AM IST
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सार

गया में चार साल पहले मंदिर से लापता हुआ मासूम शिवा पांडे आखिरकार पुलिस को मिल गया, लेकिन वह अपने असली माता-पिता को पहचान नहीं पाया। बच्चा औरंगाबाद के ओबरा देवी मंदिर से 2022 में भीड़ के दौरान गायब हुआ था।

four years later kidnapped child found in gaya child considered kidnapper as mother today bihar news
चार साल पहले मां के साथ शिवाचार साल बाद शिवा की फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गया में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस के साथ-साथ पूरे समाज को भावुक कर दिया। चार साल पहले मंदिर से गायब हुआ एक मासूम जिस महिला को अपनी मां मानकर बड़ा हो रहा था, वह उसकी असली मां नहीं निकली। पुलिस ने जब बच्चे को उसके असली माता-पिता से मिलवाया तो वह उन्हें पहचान तक नहीं पाया। इस पूरे मामले ने अपहरण, ममता और मजबूरी की एक बेहद संवेदनशील कहानी को सामने ला दिया है।


मंदिर से लापता हुआ था मासूम

मामला औरंगाबाद के प्रसिद्ध ओबरा देवी मंदिर से जुड़ा है। वर्ष 2022 में मंदिर में भारी भीड़ के दौरान चार वर्षीय शिवा पांडे अचानक लापता हो गया था। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद परिजन पूरी तरह टूट चुके थे। पुलिस ने भी बच्चे की तलाश में काफी खोजबीन की, लेकिन उस समय कोई सफलता नहीं मिली।
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गया पुलिस को मिली अहम सूचना

हाल के दिनों में गया पुलिस को सूचना मिली कि खिजरसराय इलाके में एक महिला के पास संदिग्ध परिस्थिति में एक बच्चा रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से एक बच्चे को बरामद किया, जिसकी पहचान चार साल पहले गायब हुए शिवा पांडे के रूप में हुई।
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महिला को ही मां समझता रहा बच्चा

इस मामले का सबसे भावुक पहलू तब सामने आया, जब पुलिस ने बच्चे को उसके असली माता-पिता से मिलवाया। चार साल तक जिस महिला की गोद में बच्चा पला-बढ़ा, उसी को वह अपनी असली मां मानता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बच्चा शुरुआत में अपने असली माता-पिता को पहचान नहीं पा रहा था और लगातार उस महिला के पास जाने की जिद कर रहा था। एक तरफ बेटे को वापस पाने की खुशी थी, तो दूसरी तरफ माता-पिता के लिए यह दर्द भी था कि उनका बच्चा अब उन्हें भूल चुका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्चे की काउंसिलिंग कराई जा रही है, ताकि वह धीरे-धीरे अपने असली परिवार के साथ सामान्य रूप से जुड़ सके।

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पूछताछ में महिला ने बताई पूरी कहानी

पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के कई साल बाद भी उसकी कोई संतान नहीं हुई थी। इसी कारण उसके पति ने दूसरी शादी कर ली थी। महिला ने बताया कि वह इस बात से मानसिक रूप से टूट चुकी थी। बच्चा पाने की चाहत में वह अक्सर मंदिरों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाया करती थी। इसी दौरान वर्ष 2022 में ओबरा देवी मंदिर में उसकी नजर मासूम शिवा पर पड़ी और वह उसे अपने साथ लेकर फरार हो गई। महिला ने बच्चे को अपने बेटे की तरह पाला और कभी किसी को उस पर शक नहीं होने दिया।

पुलिस के सामने खड़े हुए कई सवाल

इस घटना ने पुलिस के सामने भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चार साल तक बच्चा दूसरे जिले में रहा और किसी को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला अकेले इस वारदात में शामिल थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। फिलहाल बच्चे को उसके असली परिवार के हवाले कर दिया गया है, जबकि आरोपी महिला से पूछताछ जारी है।

 
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