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Bihar News: गया में अनोखा महायज्ञ शुरू, मिर्च की आहुति बना खास आकर्षण; श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 10:56 PM IST
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सार
Bihar News: गया के पाकरडीह गांव में अनोखे महायज्ञ की शुरुआत हुई, जहां मिर्च से आहुति दी जा रही है। कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। 3 से 9 मई तक चलने वाले इस आयोजन में कथा, हवन और रासलीला का आयोजन होगा। पढ़ें पूरी खबर...
महायज्ञ में शामिल हुए श्रद्धालु
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार के गया जिले के इमामगंज प्रखंड स्थित पाकरडीह गांव इन दिनों भक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्री शतचंडी रुद्र शनि शांति मारुति महायज्ञ का भव्य शुभारंभ रविवार को कलश यात्रा के साथ किया गया।
श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिला
इस महायज्ञ की सबसे खास बात मिर्च से दी जाने वाली आहुति है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि इस तरह का आयोजन बिहार में बहुत कम देखने को मिलता है, इसलिए आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
कलश यात्रा में हजारों भक्तों ने भाग लिया
शुभारंभ के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल भरकर श्रद्धालु वापस यज्ञ मंडप पहुंचे और विधि-विधान से कलश स्थापना की गई।
जय श्रीराम के नारे लगे
पूरे मार्ग में 'जय श्रीराम', 'हर-हर महादेव' और 'जय शनिदेव' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन स्थल को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है, जिससे शाम के समय यज्ञशाला का दृश्य बेहद मनोहारी नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले और मीना बाजार का भी आयोजन किया गया है।
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3 से 9 मई तक चलेगा यज्ञ
इस धार्मिक आयोजन का संचालन बालयोगेश्वरानंद ए.एन. स्वामी के सान्निध्य में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिर्च से आहुति देने की परंपरा नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने और समाज में सुख-शांति स्थापित करने के उद्देश्य से की जाती है। यह महायज्ञ 3 मई से 9 मई तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन पूजा, हवन, कथा वाचन और रासलीला जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समिति और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका देखी जा रही है।
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श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिला
इस महायज्ञ की सबसे खास बात मिर्च से दी जाने वाली आहुति है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि इस तरह का आयोजन बिहार में बहुत कम देखने को मिलता है, इसलिए आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
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कलश यात्रा में हजारों भक्तों ने भाग लिया
शुभारंभ के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल भरकर श्रद्धालु वापस यज्ञ मंडप पहुंचे और विधि-विधान से कलश स्थापना की गई।
जय श्रीराम के नारे लगे
पूरे मार्ग में 'जय श्रीराम', 'हर-हर महादेव' और 'जय शनिदेव' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन स्थल को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है, जिससे शाम के समय यज्ञशाला का दृश्य बेहद मनोहारी नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले और मीना बाजार का भी आयोजन किया गया है।
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3 से 9 मई तक चलेगा यज्ञ
इस धार्मिक आयोजन का संचालन बालयोगेश्वरानंद ए.एन. स्वामी के सान्निध्य में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिर्च से आहुति देने की परंपरा नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने और समाज में सुख-शांति स्थापित करने के उद्देश्य से की जाती है। यह महायज्ञ 3 मई से 9 मई तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन पूजा, हवन, कथा वाचन और रासलीला जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समिति और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका देखी जा रही है।
