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Bihar: भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच करवाएगी सरकार, सीएम सम्राट बोले- रिटायर्ड जज करेंगे छानबीन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Sat, 20 Jun 2026 03:31 PM IST
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सार

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में घिरी सम्राट चौधरी सरकार ने अब इस मामले में बड़ी घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि सरकार इस मामले की न्यायिक जांच करवाने जा रही है। कानून के शासन और पारदर्शिता के सिद्धांतों के अनुरूप यह फैसला लिया गया है, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार की शंका या विवाद का समाधान हो सके।

Judicial Probe Ordered Into Bhojpur Police Encounter Bharat Tiwari Case News CM Samrat Chaudhary Bihar Police
भरत तिवारी एनकाउंटर केस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ के मामले में अपने ही विधायकों, मंत्रियों और नेताओं के सवालों से घिरी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन वाली सरकार ने न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि भोजपुर पुलिस मुठभेड़ जांच की जिम्मेदारी उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी जाएगी, जो पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करेंगे।



जानिए मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक जांच का उद्देश्य मुठभेड़ की घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पारदर्शी तरीके से पड़ताल करना है। जांच के दौरान घटना के प्रत्येक पहलू की समीक्षा की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों का विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच में मुठभेड़ से संबंधित पुलिस कार्रवाई, घटनास्थल की परिस्थितियां, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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एक दिन पहले कृषि मंत्री और शिक्षा मंत्री ने क्या कहा था?
इधर, कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने भी भोजपुर की घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बदले की भावना या नकारात्मक मानसिकता के कारण परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून के पालन की जिम्मेदारी सरकार की है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उनके अनुसार प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि यदि पुलिस को कार्रवाई करनी ही थी तो जान लेने की बजाय गिरफ्तार भी कर सकती थी। इससे आरोपी को जीवित पकड़कर कानून के दायरे में लाया जा सकता था। किस परिस्थिति में पुलिस ने ऐसा किया यह जांच का विषय है। इसकी जांच भी की जा रही है। जल्द ही सारी बातें स्पष्ट हो जाएगा। सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। 


पूर्व केंद्रीय मंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह से क्या मांग की और क्या कहा?
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि शर्मसार करने वाला लोमहर्षक घटना से व्यथित हूं। भोजपुर के बिलौटी, शाहपुर निवासी नवयुवक भरत भूषण तिवारी की पुलिस प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पण के उपरांत उसकी गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई जो हृदय विदारक है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। मैं देश के गृह मंत्री अमित शाह जी से आग्रह करता हूं कि भरत तिवारी की निर्मम हत्या पर संज्ञान लेते हुए हत्यारे बने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उच्च स्तरीय जांच का आदेश दें ताकि समाज में गलत संदेश ना जाय। साथ ही मैं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी से आग्रह करता हूं कि हत्यारों को तत्काल 48 घंटे के भीतर जेल भेजकर बिहार में सुशासन होने का परिचय दें। 

जानिए पूरा मामला कब क्या-क्या हुआ?
इस कहानी की शुरुआत सोमवार की शाम से शुरू हुई। इसमें युवक के घर पर कुछ पुलिस वाले पहुंचे हुए थे। युवक हाथ में पिस्टल लेकर उन पुलिसवालों से बात कर रहा था। उस वीडियो में युवक की मां भी दिख रही है, जो यह कह रही है कि इसका इलाज चल रहा है। पुलिस और युवक के बीच बहस हो रही है, जिसमें युवक पुलिस अधिकारी के सामने पिस्टल तान देता है।  इस बीच युवक की मां बीच-बचाव करती दिखती है। पुलिस फिर वहां से चली गई, लेकिन इस वीडियो के वायरल होने के बाद बिहार सरकार के पुलिस प्रशासन की खूब किरकिरी हो रही है। इसके बाद मंगलवार की शाम में जब पुलिस उसे समझाने पहुंची, तो भरत का गुस्सा सातवें आसमान पर था। वह फेसबुक लाइव आकर पुलिस को ही ठोकने की धमकी देने लगा। बुधवार की सुबह जब पुलिस ने उसे घेरा, तब भी वह लाइव था और कह रहा था-'गोली चलाएगा रे...। बुधवार को आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। लेकिन अब इस एनकाउंटर पर सबसे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भरत के परिवार वालों ने सोशल मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि लाइव वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि पुलिस के आश्वासन के बाद भरत ने अपना हथियार पुलिस के आगे फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद भी एसटीएफ ने गोली क्यों चलाई?

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