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केरल ड्रग्स केस: 13 किलो से अधिक एमडीएमए की बरामदगी मामले में बिहार के भागलपुर पहुंची जांच, तीन आरोपी गिरफ्तार
Tue, 15 Sep 2026 12:33 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:33 PM IST
सार
केरल में 13 किलो से अधिक एमडीएमए बरामदगी मामले में एसआईटी ने बिहार के भागलपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अदालत ने केरल पुलिस को उनकी 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी। पुलिस के अनुसार जांच में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केरल में 13 किलोग्राम से अधिक एमडीएमए सिंथेटिक ड्रग्स बरामदगी मामले में विशेष जांच टीम ने बिहार के भागलपुर से तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने केरल पुलिस को तीनों अभियुक्तों की 144 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दे दी, जिसके बाद पुलिस टीम तीनों को लेकर केरल रवाना हो गई।
36 घंटे तक सघन छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
केरल के मल्लपुरम जिला अंतर्गत कोंडोट्टी थाने की एसआईटी ने भागलपुर पुलिस के साथ मिलकर जोगसर और तातारपुर थाना क्षेत्रों में करीब 36 घंटे तक सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान केरल निवासी तीन तस्करों मुहम्मद हैरिस, मुहम्मद सलाउद्दीन और अखिल जॉय को 13 सितंबर की देर रात दबोच लिया। गिरोह का मुख्य सरगना हैरिस पश्चिम बंगाल में पुलिस को चकमा देकर भागलपुर के आदमपुर में अपने परिचितों के यहां छिपा हुआ था। पूर्व में पकड़े गए छह तस्करों के इकबालिया बयान और तकनीकी जांच से इसके भागलपुर में छिपे होने का पता चला था।
तलाशी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, इंटरनेट मॉडम और डेबिट कार्ड जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि हैरिस और सलाउद्दीन इस अवैध कारोबार में बराबर के साझीदार हैं और दोनों के बीच इंटरनेट कॉलिंग के जरिये लगातार बातचीत होती थी। हैरिस ही व्हाट्सएप पर लोकेशन भेजकर केरल में मादक पदार्थों की डिलीवरी नियंत्रित कर रहा था। इससे पहले 6 अगस्त को केरल के मंजेरी स्थित एक मॉल के कमरे से 97.71 ग्राम सिंथेटिक ड्रग और 3.80 लाख रुपये नकद मिले थे, जबकि लॉज परिसर में खड़ी एक गाड़ी से 12.312 किलोग्राम एमडीएमए बरामद हुआ था।
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अत्यंत घातक है एमडीएमए ड्रग्स
मादक पदार्थों के अवैध बाजार में 'एक्स्टसी' या 'मॉली' के नाम से चर्चित एमडीएमए एक अत्यंत घातक रासायनिक सिंथेटिक ड्रग है। इसे प्रयोगशाला में तैयार किया जाता है और यह पाउडर, रंगीन गोलियों या कैप्सूल के रूप में बेचा जाता है। इसके सेवन से शरीर में अत्यधिक उत्तेजना के बाद तेज बुखार, दिल की धड़कन अनियंत्रित होने तथा शरीर के अंगों के काम बंद करने से तत्काल मौत भी हो सकती है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 ग्राम से अधिक एमडीएमए मिलना व्यावसायिक मात्रा माना जाता है, जिसमें 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और भारी जुर्माने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।
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36 घंटे तक सघन छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
केरल के मल्लपुरम जिला अंतर्गत कोंडोट्टी थाने की एसआईटी ने भागलपुर पुलिस के साथ मिलकर जोगसर और तातारपुर थाना क्षेत्रों में करीब 36 घंटे तक सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान केरल निवासी तीन तस्करों मुहम्मद हैरिस, मुहम्मद सलाउद्दीन और अखिल जॉय को 13 सितंबर की देर रात दबोच लिया। गिरोह का मुख्य सरगना हैरिस पश्चिम बंगाल में पुलिस को चकमा देकर भागलपुर के आदमपुर में अपने परिचितों के यहां छिपा हुआ था। पूर्व में पकड़े गए छह तस्करों के इकबालिया बयान और तकनीकी जांच से इसके भागलपुर में छिपे होने का पता चला था।
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तलाशी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, इंटरनेट मॉडम और डेबिट कार्ड जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि हैरिस और सलाउद्दीन इस अवैध कारोबार में बराबर के साझीदार हैं और दोनों के बीच इंटरनेट कॉलिंग के जरिये लगातार बातचीत होती थी। हैरिस ही व्हाट्सएप पर लोकेशन भेजकर केरल में मादक पदार्थों की डिलीवरी नियंत्रित कर रहा था। इससे पहले 6 अगस्त को केरल के मंजेरी स्थित एक मॉल के कमरे से 97.71 ग्राम सिंथेटिक ड्रग और 3.80 लाख रुपये नकद मिले थे, जबकि लॉज परिसर में खड़ी एक गाड़ी से 12.312 किलोग्राम एमडीएमए बरामद हुआ था।
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अत्यंत घातक है एमडीएमए ड्रग्स
मादक पदार्थों के अवैध बाजार में 'एक्स्टसी' या 'मॉली' के नाम से चर्चित एमडीएमए एक अत्यंत घातक रासायनिक सिंथेटिक ड्रग है। इसे प्रयोगशाला में तैयार किया जाता है और यह पाउडर, रंगीन गोलियों या कैप्सूल के रूप में बेचा जाता है। इसके सेवन से शरीर में अत्यधिक उत्तेजना के बाद तेज बुखार, दिल की धड़कन अनियंत्रित होने तथा शरीर के अंगों के काम बंद करने से तत्काल मौत भी हो सकती है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 ग्राम से अधिक एमडीएमए मिलना व्यावसायिक मात्रा माना जाता है, जिसमें 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और भारी जुर्माने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।