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Bihar News: एमडीएम खाने के बाद 80 बच्चे बीमार, सीएचसी में कराया भर्ती, कीड़ा मिलने की बात आई सामने; पांच रेफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 09:44 PM IST
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सार
Bihar: बच्चों के अनुसार एमडीएम में छिपकली थी। जिसे खाने के बाद तबियत बिगड़ी तो एचएम ने मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और किसी को कुछ नहीं बताने की हिदायत दी। बाद में ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराया।
अस्पताल में भर्ती छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड के कटहरा पंचायत स्थित मध्य विद्यालय खतवे टोला कटहरा में बुधवार को एमडीएम खाने से 06 दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हो गए। सिर में चक्कर और पेट दर्द की शिकायत पर सीएचसी छातापुर में भर्ती कराए गए छात्रों ने एमडीएम में छिपकली मिलने की शिकायत की है। वहीं एचएम ने एमडीएम में कीड़ा मिलने के बाद उसे फेंक दिए जाने की बात स्वीकार की है।
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सीएचसी लाई गई छात्रा सोनाक्षी कुमारी, ऋतु कुमारी एवं साक्षी प्रिया ने बताया कि उन्हें दोपहर में एमडीएम खाने बाद पेट दर्द होने लगा और चक्कर आने लगे। कक्षा 6 की छात्रा स्मिता कुमारी ने बताया कि उसकी थाली में मरी हुई छिपकली पाई गई। इसकी शिकायत एचएम राजीव कुमार से की तो उन्होंने सभी की थाली का खाना फिंकवा दिया। लेकिन, तब तक दर्जनों बच्चे एमडीएम खा चुके थे। बच्चों को पेट दर्द एवं सिर में चक्कर आने लगे। उनकी तबीयत बिगड़ती देख अभिभावक बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे। उनके साथ कुछ शिक्षक भी थे। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन को सूचना दी गई। फिर एंबुलेंस भेजकर अन्य बच्चों को भी सीएचसी लाया गया, जहां वे इलाजरत हैं।
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स्कूल में ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराने का लगाया आरोप
इलाजरत बच्चों ने बताया कि दोपहर में एमडीएम खाने के बाद जब पेट दर्द और चक्कर आने लगे तो एचएम ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और किसी को कुछ नहीं बताने की हिदायत देने लगे। इसके बाद बच्चों और अभिभावकों द्वारा शोर मचाने पर छात्रों को बाहर जाने दिया गया। हालांकि, शाम 7 बजे तक पांच दर्जन से अधिक बच्चों को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
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जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को घर भेज दिया गया है। जबकि एक दर्जन से अधिक इलाजरत हैं। इस दौरान सीएचसी में अफरातफरी का माहौल रहा। जहां स्वास्थ्य कर्मी बच्चों के उपचार में जुटे थे। वही बीपीआरओ सह बीईओ एवं बीडीओ सीएचसी पहुंच कर बीमार बच्चों का हाल लेते रहे। वही स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों के बीमार होने के बाद स्कूल में स्थानीय एक ग्रामीण चिकित्सक को बुलाकर बीमार बच्चों के उपचार में लगाया गया। लेकिन अभिभावकों द्वारा विद्यालय पहुंचकर शोर मचाने पर उन्हें सीएचसी ले जाने दिया गया।
ये बच्चे हुए बीमार
सोनाक्षी कुमारी, ऋतु कुमारी, स्वीटी कुमारी, गुंजन कुमारी, करिश्मा कुमारी, अंशू कुमारी, नेहा कुमारी, पूनम कुमारी, मनीषा कुमारी, भारती कुमारी, सिंकू कुमारी, चंदन कुमारी, अनु कुमारी, झांसी कुमारी, ज्योति कुमारी, रितु कुमारी, आरती कुमारी, रुकमणि कुमारी, खुशमुद्दीन प्रवीण, अजमेरुन खातुन, साजदा खातुन, चांदनी कुमारी, अंजली कुमारी, इशरत प्रवीण, मो इस्माइल, नसरीन प्रवीण, रुक्सार प्रवीण, संजीता कुमारी, अंजली कुमारी, गौरी कुमारी, निभा कुमारी, पल्लवी कुमारी, साहिन प्रवीण, मौसम कुमारी, सीता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, चांदनी कुमारी, मो महताब, रुकसाना प्रवीण, गजाला प्रवीण, सजना प्रवीण, अफसाना खातुन, नजदा प्रवीण, सत्यम कुमारी, शिवम कुमार, यास्मीन प्रवीण, दीपक कुमार, चांदनी प्रवीण, रुकमणि कुमारी, उजाला प्रवीण, काजल कुमारी, आशा कुमारी, शीतल प्रिया, प्रियांशु कुमारी, हीरा कुमारी, निभा कुमारी
गिरगिट मिलने पर खाना फिंकवा दिया
स्कूल के एचएम राजीव कुमार ने बताया कि बच्चे बीमार नहीं हैं। दोपहर 12:30 से लेकर 03:30 बजे तक सभी बच्चे हमारी निगरानी में थे। अफवाह के कारण बहुत ज्यादा लोग विद्यालय पहुंचने लगे तो दबाव में छुट्टी दे दी गई। करीब 04 बजे 2-4 बच्चों को लेकर अभिभावक स्कूल आए और पेट व सिर दर्द की शिकायत की। बताया कि खाना में गिरगिट मिला है, लेकिन हमलोगों ने पूरा खाना फिंकवा दिया था। बच्चे खाने बैठे ही थे और कुछ बच्चों ने ही खाया था। सभी ने खाना नहीं खाया था।
अब तक 80 बच्चों का किया गया उपचार
इधर, सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉ सुष्मिता अर्चना ने बताया कि अब तक करीब 80 बच्चों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। इसमें कुछ बच्चों का प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। एक दर्जन से अधिक बच्चों का इलाज चल रहा है। पांच बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। सभी बच्चों में पेट दर्ज, सिर दर्द, चक्कर आना और उल्टी की शिकायत है। वही बीडीओ डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कि 6-7 बच्चों को कटहरा से लाया गया है। एक बच्ची से शिकायत मिली है कि खाना में छोटा सा छिपकली था। इसका सत्यापन कराया जा रहा है। सभी बच्चे फिलहाल ठीक हैं और इलाज चल रहा है।