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Bihar News: सदर अस्पताल में सिजेरियन के बाद युवती की मौत, आशा कार्यकर्ता पर घूस लेकर ऑपरेशन कराने का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 03:57 PM IST
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सार
Madhepura News: प्रसव पीड़ा होने के बाद महिला को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रेफर होने के बाद भी आशा कार्यकर्ता ने 2 हजार रुपए घूस लेकर सदर अस्पताल में ऑपरेशन करवा दिया। इसके बाद महिला की मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद सदर अस्पताल में मौजूद लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के मधेपुरा सदर अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद एक 22 साल की महिला की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर तथा आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही और अवैध वसूली का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान सुपौल जिले के बगघी वार्ड एक निवासी मिलन कुमार की पत्नी काजल कुमारी के रूप में हुई है। वह इन दिनों अपने मायके मधेपुरा जिले के भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत मलिया गांव में रह रही थी।
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सिविल सर्जन को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग
मृतका के भाई गुगली राम ने इस संबंध में सिविल सर्जन को आवेदन देकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि सोमवार दोपहर करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा होने पर काजल कुमारी को मधेपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम करीब छह बजे डॉक्टरों ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि इसी दौरान बेबी ठाकुर नाम की एक आशा कार्यकर्ता परिजनों के पास आई और कहा कि यदि तीन हजार रुपये दिए जाएं तो यहीं सदर अस्पताल में ऑपरेशन करा दिया जाएगा।
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आशा कार्यकर्ता ने 2 हजार घूस लेकर कराया ऑपरेशन
परिजनों का आरोप है कि मजबूरी में उन्होंने आशा को दो हजार रुपये दे दिए, जिसके बाद शाम करीब सात बजे डॉक्टर द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि ऑपरेशन से पहले यह बताया गया था कि महिला के लिए ब्लड उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद न तो ब्लड की व्यवस्था की गई और न ही परिजनों से ब्लड लाने को कहा गया। मंगलवार की रात करीब तीन बजे काजल कुमारी की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
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डीएम को फोन करने के बाद हरकत में आया प्रशासन
परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल कर्मियों ने मरीज से संबंधित कागजात भी छीन लिए। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। मृतका के पति मिलन कुमार ने बताया कि उसे दो बेटियां और एक बेटा है। नवजात की स्थिति फिलहाल ठीक बताई जा रही है और उसे सदर अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है।
डीएस ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। मृतका के परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।