Bihar: सिंहेश्वर मंदिर में बड़ा एक्शन, अधिक वसूली पर पार्किंग ठेका रद्द, श्रद्धालुओं की शिकायतों का हुआ असर
मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने पार्किंग शुल्क में निर्धारित दर से अधिक वसूली और दूसरी किस्त की राशि समय पर जमा नहीं करने के आरोप में पार्किंग संवेदक की बंदोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।
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सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने पार्किंग शुल्क में निर्धारित दर से अधिक वसूली और समय पर बंदोबस्ती की दूसरी किस्त जमा नहीं करने के मामले में बड़ा फैसला लिया है। समिति ने पार्किंग संवेदक की बंदोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। इस संबंध में डीडीसी सह सचिव, सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की ओर से आदेश जारी किया गया है।
1.66 करोड़ रुपये में हुई थी पार्किंग की बंदोबस्ती
जारी आदेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-28 के लिए सिंहेश्वर मंदिर परिसर की पार्किंग की बंदोबस्ती 1 करोड़ 66 लाख रुपये में रामपट्टी निवासी विजय कुमार सिंह को दी गई थी। प्रथम वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 55 लाख 33 हजार 333 रुपये जमा करने के बाद उन्होंने पार्किंग शुल्क की वसूली शुरू की थी।
श्रद्धालुओं से लगातार मिल रही थी शिकायत
न्यास समिति के अनुसार पार्किंग संवेदक द्वारा समिति की निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूले जाने की शिकायत श्रद्धालुओं से लगातार मिल रही थी। शिकायत मिलने के बाद समिति ने अलग-अलग तिथियों पर कई बार स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
लगाया गया था जुर्माना
मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति ने संवेदक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। साथ ही पार्किंग स्थल पर समिति द्वारा निर्धारित शुल्क सूची का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि जुर्माना जमा करने के बावजूद संवेदक ने निर्धारित शुल्क सूची का बोर्ड नहीं लगाया। समिति ने इसे आदेशों की अवहेलना माना।
दूसरी किस्त समय पर जमा नहीं की
आदेश में कहा गया है कि एकरारनामा के अनुसार 4 जून 2026 तक दूसरी किस्त के रूप में 55 लाख 33 हजार 333 रुपये जमा करना अनिवार्य था। इसके लिए संवेदक को कई बार नोटिस जारी किए गए और अतिरिक्त समय भी दिया गया।
17 जून तक दिया गया अंतिम अवसर
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के निर्देश पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बंदोबस्ती तत्काल रद्द नहीं की गई और 17 जून 2026 तक भुगतान का अंतिम अवसर दिया गया। इसके बावजूद संवेदक निर्धारित समय तक पूरी राशि जमा नहीं कर सके।
केवल 13.83 लाख रुपये ही किए जमा
न्यास समिति के खाते में दूसरी किस्त के रूप में केवल 13 लाख 83 हजार 333 रुपये ही जमा किए गए, जबकि शेष राशि बकाया रह गई। इसके बाद समिति ने मामले की समीक्षा की।
एकरारनामा की शर्तों का उल्लंघन
न्यास समिति ने आदेश में स्पष्ट कहा है कि एकरारनामा की शर्तों के अनुसार यदि संवेदक समय पर किस्त जमा नहीं करता है या निर्धारित दर से अधिक पार्किंग शुल्क वसूलता है, तो समिति को बिना किसी आपत्ति के बंदोबस्ती रद्द करने का अधिकार है। समिति ने माना कि संवेदक ने एकरारनामा की कई शर्तों का उल्लंघन किया है।
तत्काल प्रभाव से रद्द हुई बंदोबस्ती
इन्हीं कारणों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-28 की शेष अवधि के लिए सिंहेश्वर मंदिर परिसर की पार्किंग बंदोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। समिति के इस फैसले के बाद मंदिर परिसर में पार्किंग व्यवस्था को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।