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Bihar Election: जदयू ने मधेपुरा की चारों सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी, इस सीट पर पहली गैर यादव महिला उम्मीदवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 08:01 PM IST
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सार
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जदयू ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। मधेपुरा में जदयू ने एक नया प्रयोग किया है। बीपी मंडल के पोते निखिल मंडल का टिकट काटकर गैर यादव महिला उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया गया है।
मधेपुरा की चारों विधानसभा के प्रत्याशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए जनता दल यूनाइटेड ने मधेपुरा जिले की चारों विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में अनुभव, सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक पकड़ को प्राथमिकता दी है। मधेपुरा विधानसभा सीट से जदयू ने कविता कुमारी साहा (40) को उम्मीदवार बनाया है। वर्तमान में वे मधेपुरा नगर परिषद की मुख्य पार्षद हैं। एक साल पहले ही जदयू में शामिल हुई थीं। वैश्य (तेली) समाज से आने वाली कविता कुमारी पोस्ट ग्रेजुएट हैं। पार्टी ने उन्हें महिला सशक्तिकरण और पिछड़े वर्ग के समीकरण को साधने के उद्देश्य से टिकट दिया है। यह पहली बार है जब मधेपुरा सीट से जदयू ने किसी गैर-यादव महिला को प्रत्याशी बनाया है।
निखिल मंडल का टिकट कटा
बताया जा रहा है कि आजादी के बाद पहली बार किसी बड़ी पार्टी ने मधेपुरा से गैर-यादव उम्मीदवार को उतारा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने मंडल कमीशन के अध्यक्ष रहे बीपी मंडल के पोता निखिल मंडल को टिकट दिया था, लेकिन इस बार उनका टिकट कट गया है। वहीं सिंहेश्वर (सुरक्षित) सीट से जदयू ने पूर्व मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव (55) को पुनः प्रत्याशी बनाया है। वे मुसहर जाति से आते हैं और दर्शनशास्त्र में पीएचडी हैं। 2005 से 2020 तक लगातार विधायक रहे और दो बार मंत्री भी बने। हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद के चंद्रहास चौपाल ने उन्हें हरा दिया था। चुनाव हारने के पार्टी ने रमेश ऋषिदेव को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी थी। इस बार पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव से सिंहेश्वर में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी।
पढ़ें: सहरसा में निर्दलीयों ने भरा नामांकन, बड़े दल तैयारी में; कल योगी आदित्यनाथ की होगी एंट्री
आलमनगर व बिहारीगंज में पुराने चेहरों पर भरोसा
आलमनगर सीट से लगातार सात बार के विधायक 74 वर्षीय नरेंद्र नारायण यादव को पुनः टिकट मिला है। वे 1995 से अब तक हर चुनाव जीत चुके हैं। क्षेत्र में उन्हें अजातशत्रु भी कहा जाता है। 1995 में विधायक बनने से पहले वह 1978 से 1995 तक प्रखंड प्रमुख थे। वहीं, बिहारीगंज से मौजूदा विधायक निरंजन मेहता (64) को फिर से प्रत्याशी बनाया गया है। वे कोइरी समाज से आते हैं। लगातार दो बार से विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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निखिल मंडल का टिकट कटा
बताया जा रहा है कि आजादी के बाद पहली बार किसी बड़ी पार्टी ने मधेपुरा से गैर-यादव उम्मीदवार को उतारा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने मंडल कमीशन के अध्यक्ष रहे बीपी मंडल के पोता निखिल मंडल को टिकट दिया था, लेकिन इस बार उनका टिकट कट गया है। वहीं सिंहेश्वर (सुरक्षित) सीट से जदयू ने पूर्व मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव (55) को पुनः प्रत्याशी बनाया है। वे मुसहर जाति से आते हैं और दर्शनशास्त्र में पीएचडी हैं। 2005 से 2020 तक लगातार विधायक रहे और दो बार मंत्री भी बने। हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद के चंद्रहास चौपाल ने उन्हें हरा दिया था। चुनाव हारने के पार्टी ने रमेश ऋषिदेव को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी थी। इस बार पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव से सिंहेश्वर में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी।
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आलमनगर सीट से लगातार सात बार के विधायक 74 वर्षीय नरेंद्र नारायण यादव को पुनः टिकट मिला है। वे 1995 से अब तक हर चुनाव जीत चुके हैं। क्षेत्र में उन्हें अजातशत्रु भी कहा जाता है। 1995 में विधायक बनने से पहले वह 1978 से 1995 तक प्रखंड प्रमुख थे। वहीं, बिहारीगंज से मौजूदा विधायक निरंजन मेहता (64) को फिर से प्रत्याशी बनाया गया है। वे कोइरी समाज से आते हैं। लगातार दो बार से विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।