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Bihar: बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात! किउल-झाझा के बीच बिछेगी तीसरी रेल लाइन, 962 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 03:36 PM IST
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सार
भारतीय रेलवे ने 962 करोड़ की लागत से 54 किलोमीटर लंबी किउल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना से हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और बिहार समेत पूर्वी भारत में व्यापार व उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा।
किउल-झाझा के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारतीय रेलवे ने बिहार समेत पूर्वी भारत के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने 54 किलोमीटर लंबी किउल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 962 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
डबल लाइन सेक्शन पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में किउल-झाझा डबल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का दबाव काफी बढ़ गया है। आने वाले समय में यात्री और मालगाड़ियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए तीसरी लाइन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।
ट्रेनों की समयबद्धता और माल ढुलाई होगी बेहतर
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार होगा। ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी और यात्री व मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।
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पटना और कोलकाता के बीच बेहतर होगी कनेक्टिविटी
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह रेलखंड पटना और कोलकाता के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में मददगार साबित होगा। साथ ही यह मार्ग कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों को रक्सौल और नेपाल सीमा क्षेत्र से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
इस रेलखंड के जरिए बाढ़ एसटीपीपी, जवाहर एसटीपीपी और बीरगंज आईसीडी जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों का माल परिवहन होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लाइन बनने से रेल मार्ग पर भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और माल ढुलाई अधिक तेज व सुरक्षित हो सकेगी। इस परियोजना से बिहार सहित पूरे पूर्वी भारत में व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ये भी पढ़ें- Bihar: इस जिले में 20 मई को बंद रहेंगी दवा दुकानें, ऑनलाइन मेडिसिन बिक्री के विरोध में एसोसिएशन का बड़ा फैसला
क्षेत्र में खुशी का माहौल
किउल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद जमुई, लखीसराय और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
डबल लाइन सेक्शन पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में किउल-झाझा डबल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का दबाव काफी बढ़ गया है। आने वाले समय में यात्री और मालगाड़ियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए तीसरी लाइन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।
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ट्रेनों की समयबद्धता और माल ढुलाई होगी बेहतर
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार होगा। ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी और यात्री व मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह रेलखंड पटना और कोलकाता के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में मददगार साबित होगा। साथ ही यह मार्ग कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों को रक्सौल और नेपाल सीमा क्षेत्र से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
इस रेलखंड के जरिए बाढ़ एसटीपीपी, जवाहर एसटीपीपी और बीरगंज आईसीडी जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों का माल परिवहन होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लाइन बनने से रेल मार्ग पर भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और माल ढुलाई अधिक तेज व सुरक्षित हो सकेगी। इस परियोजना से बिहार सहित पूरे पूर्वी भारत में व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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क्षेत्र में खुशी का माहौल
किउल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद जमुई, लखीसराय और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।