{"_id":"69fdeb1cc539983dfe005154","slug":"bihar-news-sono-phc-clerk-rupesh-kumar-caught-taking-37000-bribe-for-anm-salary-in-jamui-news-munger-news-c-1-1-noi1245-4256769-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: 11 महीने की सैलरी जारी करने के बदले मांगी रिश्वत, PHC का क्लर्क 37 हजार लेते रंगेहाथों गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: 11 महीने की सैलरी जारी करने के बदले मांगी रिश्वत, PHC का क्लर्क 37 हजार लेते रंगेहाथों गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 08:35 PM IST
विज्ञापन
सार
Bihar News: जमुई के सोनो पीएचसी में निगरानी विभाग ने क्लर्क रूपेश कुमार को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी एएनएम की 11 महीने से लंबित सैलरी जारी करने के बदले घूस मांग रहा था। शिकायत के बाद निगरानी टीम ने ट्रैप कर कार्रवाई की। पढ़ें पूरी खबर...
पीएचसी में निगरानी विभाग ने क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
जमुई जिले के सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब निगरानी विभाग की टीम ने एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी क्लर्क की पहचान रूपेश कुमार के रूप में हुई है, जिसे 37 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा गया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
11 महीने से लंबित थी एएनएम की सैलरी
बताया जा रहा है कि एएनएम राजनंदनी की पिछले 11 महीनों से सैलरी लंबित थी। आरोप है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बदले क्लर्क रूपेश कुमार लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। घूस की रकम एक महीने के वेतन के बराबर यानी 37 हजार रुपये तय की गई थी। पीड़िता के अनुसार फरवरी 2025 से ही उन पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था।
रिश्वत के लिए जमीन तक रखनी पड़ी गिरवी
एएनएम राजनंदनी ने बताया कि लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। रिश्वत की रकम जुटाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी। परेशान होकर उन्होंने 23 मार्च को निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा
निगरानी विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप टीम गठित की। शुक्रवार को जैसे ही क्लर्क रूपेश कुमार ने 37 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ ले जाया गया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ये भी पढ़ें- Bihar News: तीन दिन पहले बेटी का जन्मदिन मनाया, अब टुकड़ों में मिला मेडिकल स्टाफ का शव; जानें पूरा मामला
लंबे समय से चल रहा था रिश्वत का खेल
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वहीं, एएनएम राजनंदनी का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था और कई अन्य कर्मचारियों से भी पैसे लिए गए, लेकिन डर और दबाव की वजह से कोई सामने नहीं आया।
Trending Videos
11 महीने से लंबित थी एएनएम की सैलरी
बताया जा रहा है कि एएनएम राजनंदनी की पिछले 11 महीनों से सैलरी लंबित थी। आरोप है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बदले क्लर्क रूपेश कुमार लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। घूस की रकम एक महीने के वेतन के बराबर यानी 37 हजार रुपये तय की गई थी। पीड़िता के अनुसार फरवरी 2025 से ही उन पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
रिश्वत के लिए जमीन तक रखनी पड़ी गिरवी
एएनएम राजनंदनी ने बताया कि लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। रिश्वत की रकम जुटाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी। परेशान होकर उन्होंने 23 मार्च को निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा
निगरानी विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप टीम गठित की। शुक्रवार को जैसे ही क्लर्क रूपेश कुमार ने 37 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ ले जाया गया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ये भी पढ़ें- Bihar News: तीन दिन पहले बेटी का जन्मदिन मनाया, अब टुकड़ों में मिला मेडिकल स्टाफ का शव; जानें पूरा मामला
लंबे समय से चल रहा था रिश्वत का खेल
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वहीं, एएनएम राजनंदनी का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था और कई अन्य कर्मचारियों से भी पैसे लिए गए, लेकिन डर और दबाव की वजह से कोई सामने नहीं आया।