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Bihar News: सदर अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल; एसएनसीयू में हंगामा, नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 07:41 PM IST
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सार
Bihar News: मुंगेर सदर अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एसएनसीयू वार्ड सदर अस्पताल मुंगेर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मुंगेर के सदर अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में शनिवार को एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
जन्म के बाद गंभीर हालत में किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, खड़गपुर निवासी मनीषा कुमारी ने गुरुवार को अनुमंडल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के समय नवजात की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया।
धीरे-धीरे बिगड़ती गई बच्चे की हालत
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में बच्चे की स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन समय के साथ उसकी हालत खराब होती चली गई। आरोप है कि चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर उचित इलाज या उच्च संस्थान में रेफर नहीं किया।
मौत के बाद भड़का गुस्सा
शनिवार सुबह जब परिजन बच्चे को देखने पहुंचे, तो पहले उसे ठीक बताया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया।
लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि रात के दौरान बच्चे की सही निगरानी नहीं की गई। उनका कहना है कि वार्ड में हीटर के अधिक उपयोग से भी बच्चे की हालत बिगड़ी। साथ ही, गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
ये भी पढ़ें- Bihar: दिल्ली में बिहारी युवक की हत्या पर बवाल; कांग्रेस ने निकाला मार्च, सरकार के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी
जांच की मांग
परिजनों ने लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि नवजात की मौत के पीछे असली वजह क्या है और क्या परिजनों को न्याय मिल पाएगा।
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जन्म के बाद गंभीर हालत में किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, खड़गपुर निवासी मनीषा कुमारी ने गुरुवार को अनुमंडल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के समय नवजात की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया।
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धीरे-धीरे बिगड़ती गई बच्चे की हालत
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में बच्चे की स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन समय के साथ उसकी हालत खराब होती चली गई। आरोप है कि चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर उचित इलाज या उच्च संस्थान में रेफर नहीं किया।
मौत के बाद भड़का गुस्सा
शनिवार सुबह जब परिजन बच्चे को देखने पहुंचे, तो पहले उसे ठीक बताया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया।
लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि रात के दौरान बच्चे की सही निगरानी नहीं की गई। उनका कहना है कि वार्ड में हीटर के अधिक उपयोग से भी बच्चे की हालत बिगड़ी। साथ ही, गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
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जांच की मांग
परिजनों ने लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि नवजात की मौत के पीछे असली वजह क्या है और क्या परिजनों को न्याय मिल पाएगा।
