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Cough Syrup: बिहार से कैसे निकली दवा? ट्राइडस सील, परवेज बोले- हमने तो किशनगंज भेजा, दूसरे राज्य नहीं भेजते

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Mon, 19 Jan 2026 03:37 PM IST
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सार

Almont Kid: दवा के बाजार में बहुत खेल है। जिस दवा के लिए कंपनी का दावा है कि वह बिहार में भी सिर्फ किशनगंज भेजी गई, वह दूसरे राज्यों के बाजार में थी। नुकसानदेह रसायनों के नाम पर रोक वहां लगी तो यहां कंपनी सील कर दी गई।

Cough Syrup: How did the medicine leave Bihar? Tridus sealed; Reaction of company owner Ahmed Paraj
सील की गई दवा कंपनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दवाओं की भी तस्करी हो रही है। कागजों में हेरफेर हो रहा है। तमिलनाडु-तेलंगाना समेत कई राज्यों में जिस आलमोंट किड सिरप पर खतरनाक रसायनों के कारण रोक लगाई गई है, वह कागजों में बिहार से बाहर भेजी ही नहीं गई थी। दावा कंपनी का है और सवाल 'अमर उजाला' का। दवा बनाने वाली ट्राइडस रेमेडीज के मालिक अहमद पराज ने बिहार में भी सिर्फ किशनगंज जिले में दवा भेजने की बात कही, लेकिन यह कई राज्यों में मिल चुकी है। यानी, या तो किशनगंज से यह तस्करी कर भेजी गई या फिर किशनगंज दिखाकर दूसरे राज्यों में कंपनी ने खुद ही भेजी।

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हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में दवा कंपनी सील
हाजीपुर के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित दवा बनने के वाली कंपनी के दवा के बिक्री पर जब रोक लगाई गई। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा कंपनी में पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल भी की गई। वहीं, जांच के उपरांत उस कंपनी को सील कर दिया गया और मार्केट में मौजूद दवा वापस कंपनी में लाकर रखी गई है। कंपनी में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, पूरी तरीके से कंपनी को बंद कर दिया गया है।
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जब कई राज्यों में दवा को प्रतिबंधित कर देने कि खबर सामने आई तो अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची। जहां पता चला कि सरकार के पास आंतरिक रूप से पहले ही यह खबर आ चुकी थी। इसीलिए कंपनी को सील कर दिया गया है। अमर उजाला की टीम जब पहुंची तो वहां पर सिर्फ एक सुरक्षा कर्मी मिला जिसने बताया कि यहां तीन दिनों से कोई आ-जा नहीं रहा है।

फिर कंपनी के मालिक अहमद पराज से फोन पर अमर उजाला की टीम ने बात की, जिसमें उन्होंने कहा कि जो बेंच का दावा था, मार्केट में था उसे रिकॉल कर दिया गया है। डिपार्टमेंट ने उसे मिला लिया है। मेरी जो दवा थी वह सिर्फ बिहार में ही जाती थी। दूसरे राज्य तेलंगाना, हिमाचल और आंध्र प्रदेश में कैसे इस दवा को निकाला जा रहा है, इसका हमें कोई आइडिया नहीं है। मेरी मार्केटिंग जो है बिहार में ही है। बिहार में किशनगंज और भागलपुर सहित तमाम जगहों पर जाता है। यह प्रोडक्ट जो है वह सिर्फ बिहार में एक जगह किशनगंज में एक पार्टी के पास गया था।

पढ़ें- Bihar: बच्चों के कफ सिरप में मिला एथिलीन ग्लाइकोल, हाजीपुर की दवा कंपनी पर लगा प्रतिबंध; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
जानकारी के मुताबिक, ट्राइडस रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड उद्योग में बनाया जा रहा सिरप का सेंट्रल ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा अक्तूबर माह में सैंपल लिया गया था। जिस सैंपल की रिपोर्ट कुछ दिन पूर्व आई है। रिपोर्ट में अल्मोंट-किड सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल जैसे घातक रसायन की मौजूदगी पाई गई है। इसके बाद केंद्रीय औषधि नियंत्रक द्वारा दवा की बिक्री, वितरण और उसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह दवा हाजीपुर के औद्योगिक थाना क्षेत्र के औद्योगिक इकाई में बनाई जाती थी।



दवा बच्चों को एलर्जी के लक्षणों जैसे कि नाक बहना, छींकना, खुजली, सूजन, जलन और आंखों में पानी आने पर दी जाती थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एथिलीन ग्लाइकोल अत्यंत विषैला रसायन है जिसका सेवन बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इससे पहले तमिलनाडु में निर्मित एक सिरप में इसी रसायन की मिलावट पाए जाने पर मध्य प्रदेश में कुछ माह पहले कई बच्चों की मौत का मामला सामने आ चुका है।
 

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