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Bihar News: नदी में शव फेंकते रंगे हाथ पकड़े गए दो युवक, रेल पुलिस पर गंभीर आरोप; बेतिया की घटना से हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 08:33 AM IST
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सार
Bihar News: बेतिया अंतर्गत नरकटियागंज के शिकारपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। हड़बोड़ा नदी के तट पर एक महिला का शव फेंकने की कोशिश करते हुए रिक्शा चालक समेत दो व्यक्तियों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
घटनास्थल पर उमड़ी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के बेतिया अंतर्गत नरकटियागंज के शिकारपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। हड़बोड़ा नदी के तट पर एक महिला का शव फेंकने की कोशिश करते हुए रिक्शा चालक समेत दो व्यक्तियों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए शिकारपुर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दोनों आरोपियों से पूछताछ की, तो जो खुलासा हुआ उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
रेल पुलिस पर गंभीर आरोप
पकड़े गए व्यक्तियों चमुआ गांव निवासी सूरदास और पोखरा चौक निवासी रामचंद ने आरोप लगाया कि महिला की मौत रेल परिसर में हुई थी और रेल पुलिस ने उन्हें शव नदी में फेंकने के लिए कहा। दोनों ने दावा किया कि यह निर्देश रेल पुलिस के प्रेम कुमार नामक कर्मी ने दिया था। आरोपियों के अनुसार मृत महिला मोतिहारी जिले के चइलहा गांव की तेतरी देवी थी, जो स्टेशन परिसर के आसपास रहती थी। घटना की सूचना फैलते ही नरकटियागंज रेल पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया।
पढ़ें: फोन उठाने वाले अजनबी ने दी मौत की खबर, घर से निकले युवक की संदिग्ध मौत; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
शिकारपुर थाना प्रभारी ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर एसआई जयभगवान कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल भेजा गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रेल परिसर में महिला की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा था। रेल थाना प्रभारी राजकुमार ने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए रेल डीएसपी को निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि रेल पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि मृतका एक भिखारी महिला थी और उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि रेल पुलिस का यह करतूत कई सवाल खड़ा करता है। रेल परिसर में महिला की मौत कैसे हुई? शव को चुपचाप नदी में फेंकने की जरूरत क्यों पड़ी? और अगर आरोप सही हैं, तो कानून की रखवाली करने वाले ही कानून तोड़ते पाए गए तो जिम्मेदारी किसकी? इन सवालों के बीच, एक अनजान महिला की मौत व्यवस्था के चेहरे पर काले धब्बे की तरह उभर आई है। अब निगाहें जांच पर टिकी हैं क्या सच सामने आएगा, या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?
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रेल पुलिस पर गंभीर आरोप
पकड़े गए व्यक्तियों चमुआ गांव निवासी सूरदास और पोखरा चौक निवासी रामचंद ने आरोप लगाया कि महिला की मौत रेल परिसर में हुई थी और रेल पुलिस ने उन्हें शव नदी में फेंकने के लिए कहा। दोनों ने दावा किया कि यह निर्देश रेल पुलिस के प्रेम कुमार नामक कर्मी ने दिया था। आरोपियों के अनुसार मृत महिला मोतिहारी जिले के चइलहा गांव की तेतरी देवी थी, जो स्टेशन परिसर के आसपास रहती थी। घटना की सूचना फैलते ही नरकटियागंज रेल पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया।
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शिकारपुर थाना प्रभारी ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर एसआई जयभगवान कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल भेजा गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रेल परिसर में महिला की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा था। रेल थाना प्रभारी राजकुमार ने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए रेल डीएसपी को निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि रेल पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि मृतका एक भिखारी महिला थी और उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि रेल पुलिस का यह करतूत कई सवाल खड़ा करता है। रेल परिसर में महिला की मौत कैसे हुई? शव को चुपचाप नदी में फेंकने की जरूरत क्यों पड़ी? और अगर आरोप सही हैं, तो कानून की रखवाली करने वाले ही कानून तोड़ते पाए गए तो जिम्मेदारी किसकी? इन सवालों के बीच, एक अनजान महिला की मौत व्यवस्था के चेहरे पर काले धब्बे की तरह उभर आई है। अब निगाहें जांच पर टिकी हैं क्या सच सामने आएगा, या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?