Bihar News: भारत मंडपम एआई समिट विवाद पर उबाल, बेतिया में भाजयुमो का प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला फूंका
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कथित विरोध प्रदर्शन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का विरोध देश की गरिमा के खिलाफ है।
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नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कथित तौर पर कुछ कांग्रेसी नेताओं के अर्धनग्न अवस्था में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के लोगों की मौजूदगी में हुई इस कथित घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा ने उठाए सवाल, कहा देश की गरिमा से जुड़ा मुद्दा
भाजपा नेताओं का कहना है कि जिस मंच से भारत अपनी डिजिटल ताकत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी प्रगति को दुनिया के सामने दिखा रहा था, उसी मंच पर इस तरह का विरोध देश की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि राजनीतिक विरोध का भी एक मर्यादित और सभ्य तरीका होना चाहिए, खासकर तब जब कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो और दुनिया की नजर उस पर हो।
बेतिया में भाजपा का प्रदर्शन, पुतला दहन
इस घटना के विरोध में पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया शहर के सोवा बाबू चौक पर भाजपा के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला भी जलाया गया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि इस तरह का व्यवहार प्रधानमंत्री पद का अपमान है और इससे देश की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
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यातायात प्रभावित, पुलिस ने संभाली स्थिति
सोवा बाबू चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभाला और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नारेबाजी और पुतला दहन के कारण माहौल गरम बना रहा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की घटनाओं का असर अब जिला स्तर तक साफ दिख रहा है। भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय सम्मान और राजनीतिक शिष्टाचार से जोड़ रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति और गर्मा सकती है।