Bihar News: पूर्व विधायक मुकेश रोशन का मंत्री संजय कुमार पर हमला, लगाए गए गंभीर आरोपों की झड़ी
वैशाली में राजद के पूर्व विधायक मुकेश रोशन ने बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंत्री पर गिरफ्तारी का वारंट होने के बावजूद उन्हें सरकारी संरक्षण मिल रहा है।
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महुआ से राजद के पूर्व विधायक मुकेश रोशन ने बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन पर गिरफ्तारी का वारंट जारी है, उन्हें संवैधानिक पद पर एक मिनट भी बने रहने का अधिकार नहीं है।
वारंट के बावजूद सुविधाएं देने का आरोप
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बावजूद बिहार सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा और सुख-सुविधाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि यह कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। मुकेश रोशन ने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि यह छत्तीसगढ़ से जुड़ा मामला है, जिसमें पटना के राजीव नगर निवासी व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी कोलकाता से लिया गया था, जिसमें 2 करोड़ 20 लाख रुपये का सौदा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि दस्तावेज में रकम को शब्दों में 22 रुपये लिखा गया, जबकि बगल वाले बॉक्स में 2220 जैसा अंकित किया गया। यह पावर ऑफ अटॉर्नी कथित रूप से फर्जी तरीके से लिया गया और उनकी पत्नी को एक लिफाफे में देकर सौंप दिया गया।
चेक बाउंस और कोर्ट के वारंट का दावा
रोशन ने बताया कि बाद में इस राशि का चेक बाउंस हो गया। इस मामले में माननीय न्यायालय द्वारा तीन बार जमानती वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होने के बाद न्यायालय से गिरफ्तारी का आदेश भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नरेंद्र झा द्वारा एक वीडियो भी जारी किया गया है। साथ ही उनके पास भी संपर्क किया गया और लिखित आवेदन बिहार सरकार को दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मंत्री संजय कुमार ने न्यायालय से जारी वारंट लेने से इनकार कर दिया। राजीव नगर थाने द्वारा भी वारंट पर टिप्पणी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मंत्री को वारंट की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने न्यायालय का सम्मान नहीं किया और पेश नहीं हुए। मुकेश रोशन ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मंत्री 11 लाख रुपये नकद लेते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार 2 लाख रुपये से अधिक का कैश ट्रांजैक्शन नहीं किया जा सकता, फिर भी मंत्री ऐसा करते दिख रहे हैं।
रिश्तेदारों पर शराब कारोबार में संलिप्तता का आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के रिश्तेदार और उनके साथ रहने वाले लोग शराब कारोबार में संलिप्त हैं। 14 मार्च को हाजीपुर के औद्योगिक थाना पुलिस द्वारा एक ट्रक शराब पकड़ी गई थी, जिस पर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि करीब 13 मामलों में 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित रहा है। रोशन ने कहा कि मंत्री के चेंबर में कुछ लोगों के साथ बातचीत करते हुए तस्वीर भी सामने आई है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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हलफनामा और टेंडर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
राजद नेता ने आरोप लगाया कि चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी गई और शैक्षणिक दस्तावेजों में भी अनियमितताएं हैं। उन्होंने कहा कि राजद ने इस मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पिछले तीन महीनों में PHED विभाग में हुई निविदाओं की जांच कराने की भी मांग उठाई गई है।
मंत्री संजय कुमार का जवाब
वहीं, बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक व्यक्ति होने के नाते वे दिन भर में 200 से 300 लोगों के साथ फोटो खिंचवाते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी से फोटो खिंचवाने से पहले आईडी कार्ड या कैरेक्टर सर्टिफिकेट नहीं मांगते। मंत्री ने कहा कि जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें इसे साबित करना चाहिए, अन्यथा उनकी पार्टी के लोग मानहानि का केस करेंगे।