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बिहार: शराब लदे ट्रक को रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप, एसआई समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
Thu, 01 Oct 2026 10:48 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:48 AM IST
सार
वैशाली में शराब से लदे 18 चक्के के ट्रक और उसमें सवार लोगों को कथित तौर पर रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर के तुर्की थाने में वर्ष 2024 में हुई इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
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अपराध।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारी भरकम रकम लेकर शराब से लदा ट्रक और आरोपितों को छोड़ने के आरोप में नगर थाना के एसआई को निलंबित कर दिया गया है। नगर थाना में पदस्थापित एसआई कुमार प्रमोद सिंह पर यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना में पदस्थापना के दौरान की गई घोर लापरवाही, संदिग्ध आचरण और मनमानेपन का दोषी पाए जाने के बाद की गई है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना के निर्देश और तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक की देखरेख में हुई उच्चस्तरीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
तुर्की थाने में तैनाती के दौरान सामने आया मामला
मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाने में तैनात रहे तत्कालीन थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। एसएसपी शुभांक मिश्रा ने निलंबन की पुष्टि की है। बताया जाता है कि यह कार्रवाई छाजन संग्राम, तुर्की निवासी परिवादी शुभम कुमार की ओर से दिए गए गुप्त परिवाद पत्र के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद की गई।
18 चक्के के शराब लदे ट्रक को पकड़ा था
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 25-26 मई 2024 की रात तुर्की थाना क्षेत्र में शराब से लदा एक 18 चक्के का ट्रक पकड़ा गया था। पुलिस ने ट्रक के साथ उसमें सवार लोगों को भी पकड़ा था। आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष कुमार प्रमोद सिंह, राधेश्याम सिंह, विद्यानंद और चालक सिपाही रविन्द्र कुमार ने आपसी मिलीभगत कर भारी रकम ली और इसके बाद ट्रक तथा पकड़े गए लोगों को छोड़ दिया।
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पुलिसकर्मियों और चौकीदारों के बयान लिए गए
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान थाने के कई पुलिसकर्मियों और चौकीदारों के बयान दर्ज किए गए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इन बयानों में रात के समय शराब से लदा ट्रक पकड़े जाने और बाद में पैसों के लेनदेन के बाद उसे छोड़ दिए जाने की जानकारी सामने आई। इन बयानों को जांच में अहम साक्ष्य माना गया।
कॉल डिटेल से भी संपर्क में रहने की पुष्टि
जांच के दौरान तकनीकी शाखा से प्राप्त मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाली रात 25-26 मई 2024 को रात 12 बजे से 1 बजे के बीच तत्कालीन थानाध्यक्ष कुमार प्रमोद सिंह और अन्य आरोपित पुलिसकर्मी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। जांच टीम ने कॉल डिटेल को भी मामले से जुड़े साक्ष्यों में शामिल किया।
सीसीटीवी और दस्तावेजों की भी जांच
जांच टीम ने तुर्की थाने के पुराने भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसके अलावा संबंधित दस्तावेजों और मामले को दबाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर किए गए पत्राचार की भी जांच की गई। जांच रिपोर्ट में इन सभी साक्ष्यों के आधार पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्ट्या सही पाए जाने की बात कही गई है।
तत्काल प्रभाव से चार पुलिसकर्मी निलंबित
घोर लापरवाही, संदिग्ध आचरण और मनमानेपन के दोषी पाए जाने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें तत्कालीन तुर्की थानाध्यक्ष कुमार प्रमोद सिंह, जो वर्तमान में हाजीपुर के नगर थाना में पदस्थापित थे, के अलावा राधेश्याम सिंह, विद्यानंद और चालक सिपाही रविन्द्र कुमार शामिल हैं।
उच्चस्तरीय जांच के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना के निर्देश और तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक की निगरानी में हुई जांच के आधार पर की गई है। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विभागीय प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
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तुर्की थाने में तैनाती के दौरान सामने आया मामला
मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाने में तैनात रहे तत्कालीन थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। एसएसपी शुभांक मिश्रा ने निलंबन की पुष्टि की है। बताया जाता है कि यह कार्रवाई छाजन संग्राम, तुर्की निवासी परिवादी शुभम कुमार की ओर से दिए गए गुप्त परिवाद पत्र के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद की गई।
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18 चक्के के शराब लदे ट्रक को पकड़ा था
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 25-26 मई 2024 की रात तुर्की थाना क्षेत्र में शराब से लदा एक 18 चक्के का ट्रक पकड़ा गया था। पुलिस ने ट्रक के साथ उसमें सवार लोगों को भी पकड़ा था। आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष कुमार प्रमोद सिंह, राधेश्याम सिंह, विद्यानंद और चालक सिपाही रविन्द्र कुमार ने आपसी मिलीभगत कर भारी रकम ली और इसके बाद ट्रक तथा पकड़े गए लोगों को छोड़ दिया।
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पुलिसकर्मियों और चौकीदारों के बयान लिए गए
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान थाने के कई पुलिसकर्मियों और चौकीदारों के बयान दर्ज किए गए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इन बयानों में रात के समय शराब से लदा ट्रक पकड़े जाने और बाद में पैसों के लेनदेन के बाद उसे छोड़ दिए जाने की जानकारी सामने आई। इन बयानों को जांच में अहम साक्ष्य माना गया।
कॉल डिटेल से भी संपर्क में रहने की पुष्टि
जांच के दौरान तकनीकी शाखा से प्राप्त मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाली रात 25-26 मई 2024 को रात 12 बजे से 1 बजे के बीच तत्कालीन थानाध्यक्ष कुमार प्रमोद सिंह और अन्य आरोपित पुलिसकर्मी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। जांच टीम ने कॉल डिटेल को भी मामले से जुड़े साक्ष्यों में शामिल किया।
सीसीटीवी और दस्तावेजों की भी जांच
जांच टीम ने तुर्की थाने के पुराने भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसके अलावा संबंधित दस्तावेजों और मामले को दबाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर किए गए पत्राचार की भी जांच की गई। जांच रिपोर्ट में इन सभी साक्ष्यों के आधार पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्ट्या सही पाए जाने की बात कही गई है।
तत्काल प्रभाव से चार पुलिसकर्मी निलंबित
घोर लापरवाही, संदिग्ध आचरण और मनमानेपन के दोषी पाए जाने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें तत्कालीन तुर्की थानाध्यक्ष कुमार प्रमोद सिंह, जो वर्तमान में हाजीपुर के नगर थाना में पदस्थापित थे, के अलावा राधेश्याम सिंह, विद्यानंद और चालक सिपाही रविन्द्र कुमार शामिल हैं।
उच्चस्तरीय जांच के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना के निर्देश और तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक की निगरानी में हुई जांच के आधार पर की गई है। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विभागीय प्रक्रिया के तहत की जाएगी।