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Bihar News : खाड़ी में आतंक का साया, वैशाली के युवकों की हिफाजत के लिए परिजन बेहाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:24 PM IST
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सार
वैशाली जिले के कई लोग रोज़ी-रोज़गार के लिए खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं और उनके परिजनों की रातें डर और चिंता में बीत रही हैं। दुबई, दोहा-कतर और अबु धाबी में काम कर रहे युवकों ने फोन पर बताया कि बमबारी के समय जान-माल का भय सताता है।
दुबई में रहने वाले के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैशाली जिला के कई लोग रोज़ी-रोज़गार के लिए खाड़ी देशों में रह रहे हैं, जहां की हालात के बीच उनके परिजनों की रातें डर और चिंता में बीत रही हैं। वहां काम कर रहे युवकों ने फोन पर बताया कि बमबारी के समय कलेजा कांप उठता है और हर पल जान-माल की चिंता सताती है।
दुबई में बमबारी का भयावह अनुभव
खजुअता गांव निवासी रामप्रवेश महतो ने बताया कि वह 11 फरवरी को दुबई काम के सिलसिले में गए थे। वह वहां बीटू कंपनी में बेल्डर के रूप में काम करते हैं, जो गैस टैंकर बनाती है। कंपनी में लगभग 30 से 40 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें करीब 10 हजार भारतीय शामिल हैं। गुरुवार दोपहर लगभग दो बजे, रामप्रवेश ने बताया कि उनके काम की जगह से लगभग दो किलोमीटर दूर दोहा, कतर में जबरदस्त बमबारी हुई। बमबारी के दौरान सभी कर्मचारियों को कंपनी के अंदर सुरक्षित स्थान पर छिपाया गया।
परिजनों को हुई जानकारी और डर
रामप्रवेश ने अपने छोटे भाई तुलसी को रोते हुए पूरी घटना बताई, जिससे परिवार में सिहरन फैल गई। उन्होंने बताया कि वे अपने गांव आना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में कोई संभवना नहीं है।
दुबई-कतर में फंसे वैशाली के अन्य लोग
वैशाली के खजुअता गांव निवासी सुरेंद्र महतो के पुत्र अर्जुन कुमार की हाल ही में मौत हुई थी। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि शव को भारत भेजने के लिए इमरजेंसी विमान सेवा शुरू की गई है, जो दिल्ली, लखनऊ और बनारस के लिए कार्यरत है।
अभी भी दुबई, दोहा-कतर, अबु धाबी और यूनाइटेड अरब एमिरेट्स में वैशाली के सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। इनमें शामिल हैं खजुअता गांव निवासी सबल महतो के पुत्र दिलीप कुमार, राधा महतो का पुत्र मुकेश महतो, राकेश महतो, झपसी महतो का पुत्र अमरजीत महतो, देवनंदन महतो का पुत्र राज कुमार महतो, बटेशवर महतो का पुत्र रूपन महतो और मच्छु महतो का पुत्र श्रवण महतो। स्थिति गंभीर बनी हुई है और परिजन लगातार सुरक्षा एवं सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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दुबई में बमबारी का भयावह अनुभव
खजुअता गांव निवासी रामप्रवेश महतो ने बताया कि वह 11 फरवरी को दुबई काम के सिलसिले में गए थे। वह वहां बीटू कंपनी में बेल्डर के रूप में काम करते हैं, जो गैस टैंकर बनाती है। कंपनी में लगभग 30 से 40 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें करीब 10 हजार भारतीय शामिल हैं। गुरुवार दोपहर लगभग दो बजे, रामप्रवेश ने बताया कि उनके काम की जगह से लगभग दो किलोमीटर दूर दोहा, कतर में जबरदस्त बमबारी हुई। बमबारी के दौरान सभी कर्मचारियों को कंपनी के अंदर सुरक्षित स्थान पर छिपाया गया।
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परिजनों को हुई जानकारी और डर
रामप्रवेश ने अपने छोटे भाई तुलसी को रोते हुए पूरी घटना बताई, जिससे परिवार में सिहरन फैल गई। उन्होंने बताया कि वे अपने गांव आना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में कोई संभवना नहीं है।
दुबई-कतर में फंसे वैशाली के अन्य लोग
वैशाली के खजुअता गांव निवासी सुरेंद्र महतो के पुत्र अर्जुन कुमार की हाल ही में मौत हुई थी। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि शव को भारत भेजने के लिए इमरजेंसी विमान सेवा शुरू की गई है, जो दिल्ली, लखनऊ और बनारस के लिए कार्यरत है।
अभी भी दुबई, दोहा-कतर, अबु धाबी और यूनाइटेड अरब एमिरेट्स में वैशाली के सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। इनमें शामिल हैं खजुअता गांव निवासी सबल महतो के पुत्र दिलीप कुमार, राधा महतो का पुत्र मुकेश महतो, राकेश महतो, झपसी महतो का पुत्र अमरजीत महतो, देवनंदन महतो का पुत्र राज कुमार महतो, बटेशवर महतो का पुत्र रूपन महतो और मच्छु महतो का पुत्र श्रवण महतो। स्थिति गंभीर बनी हुई है और परिजन लगातार सुरक्षा एवं सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं।