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Bihar: परीक्षा केंद्र में 'फर्जी' एंट्री! खुद को बायोमेट्रिक कर्मी बताकर घुसा युवक; अधिकारियों ने ऐसे पकड़ा
Mon, 29 Jun 2026 07:31 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 07:31 AM IST
सार
मुजफ्फरपुर में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जी बायोमेट्रिक कर्मी बनकर परीक्षा केंद्र में घुसे युवक को अधिकारियों की सतर्कता से पकड़ लिया गया। आरोपी जयप्रकाश कुमार को पुलिस ने हिरासत में लिया है। विशेष टीम और डीआईयू उसके संभावित नेटवर्क व परीक्षा रैकेट से जुड़े संबंधों की जांच कर रही है।
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फर्जी बायोमेट्रिक स्टाफ धराया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मुजफ्फरपुर में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़ी अनियमितता समय रहते पकड़ ली गई। मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित चैपमैन बालिका उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक युवक खुद को बायोमेट्रिक कर्मी बताकर केंद्र के अंदर प्रवेश कर गया। हालांकि परीक्षा अधिकारियों की सतर्कता से उसकी पहचान फर्जी कर्मी के रूप में हो गई और संभावित गड़बड़ी को समय रहते रोक लिया गया।
परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने युवक के पहचान पत्र और अधिकृत कर्मियों की सूची का मिलान किया तो उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद मामले की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी गई। प्रशासन ने केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी से विचार-विमर्श करने के बाद केंद्राधीक्षक के माध्यम से मिठनपुरा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पकड़े गए युवक की पहचान जमुई जिले के निवासी जयप्रकाश कुमार के रूप में हुई है।
परीक्षा की गोपनीयता पर मंडराया खतरा
केंद्राधीक्षक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि किसी बाहरी और अनधिकृत व्यक्ति का परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच जाना परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा था। यदि समय रहते उसकी पहचान नहीं होती तो परीक्षा में कदाचार, डिजिटल स्कैम या अन्य अनियमितताओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। शिकायत के साथ पुलिस को आरोपी से जुड़े दस्तावेज और अधिकृत बायोमेट्रिक कर्मियों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
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संगठित गिरोह से जुड़े होने की आशंका
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित परीक्षा रैकेट या नकल गिरोह का हिस्सा है या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश कैसे मिला और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने उसकी मदद की थी। जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसके संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
ये भी पढ़ें- Bihar News : पटना में एसटीएफ और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वांछित और शातिर राहुल प्रियदर्शी गिरफ्तार
विशेष टीम कर रही जांच
फर्जी बायोमेट्रिक कर्मी से जुड़े इस मामले की जांच मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम और डीआईयू (जिला आसूचना इकाई) संयुक्त रूप से कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जांच के आधार पर जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।
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परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने युवक के पहचान पत्र और अधिकृत कर्मियों की सूची का मिलान किया तो उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद मामले की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी गई। प्रशासन ने केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी से विचार-विमर्श करने के बाद केंद्राधीक्षक के माध्यम से मिठनपुरा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पकड़े गए युवक की पहचान जमुई जिले के निवासी जयप्रकाश कुमार के रूप में हुई है।
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परीक्षा की गोपनीयता पर मंडराया खतरा
केंद्राधीक्षक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि किसी बाहरी और अनधिकृत व्यक्ति का परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच जाना परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा था। यदि समय रहते उसकी पहचान नहीं होती तो परीक्षा में कदाचार, डिजिटल स्कैम या अन्य अनियमितताओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। शिकायत के साथ पुलिस को आरोपी से जुड़े दस्तावेज और अधिकृत बायोमेट्रिक कर्मियों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
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संगठित गिरोह से जुड़े होने की आशंका
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित परीक्षा रैकेट या नकल गिरोह का हिस्सा है या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश कैसे मिला और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने उसकी मदद की थी। जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसके संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
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विशेष टीम कर रही जांच
फर्जी बायोमेट्रिक कर्मी से जुड़े इस मामले की जांच मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम और डीआईयू (जिला आसूचना इकाई) संयुक्त रूप से कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जांच के आधार पर जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।