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Bihar: उफान पर बागमती नदी, मुजफ्फरपुर के स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी; बच्चों की छुट्टी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Fri, 07 Aug 2026 12:22 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:22 PM IST
सार
मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कटरा प्रखंड की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बर्री पंचायत के एक स्कूल में दो से ढाई फीट पानी घुसने के कारण बच्चों की छुट्टी करनी पड़ी। जिला प्रशासन ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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मुजफ्फरपुर के कई जिले बाढ़ से प्रभावित
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
उत्तर बिहार में बाढ़ लाने वाली प्रमुख नदियों में शामिल बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसका असर अब मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड क्षेत्र में भी दिखने लगा है। प्रखंड की बर्री और बासघट्टा पंचायत समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं। कटरा प्रखंड के बर्री पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से पठन-पाठन प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि सुरक्षा कारणों से बच्चों को स्कूल से वापस घर भेजना पड़ा। स्कूल परिसर और कक्षाओं में दो से ढाई फीट तक पानी भर गया है।
आधा दर्जन पंचायतों में बने बाढ़ जैसे हालात
इसी तरह के हालात प्रखंड की करीब आधा दर्जन पंचायतों में बने हुए हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने से ग्रामीणों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा और दहशत का माहौल है। एहतियात के तौर पर सैकड़ों बच्चों को स्कूल से वापस भेज दिया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा और गायघाट प्रखंड हर वर्ष बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हुआ
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवाजाही, खान-पान और आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ता है। कई परिवार अपने घरों में ही फंसकर 'जल कैदी' बन जाते हैं, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की ओर से मिलने वाली राहत और सहायता समय पर नहीं मिलती। उनका कहना है कि जो मदद पहले मिलनी चाहिए, वह बाढ़ विकराल रूप लेने के बाद पहुंचती है।
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ये भी पढ़ें- अस्पताल का गजब कारनामा! टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह बांध दिया कार्टन, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
इधर, बागमती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक एहतियात बरतने और राहत संबंधी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
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आधा दर्जन पंचायतों में बने बाढ़ जैसे हालात
इसी तरह के हालात प्रखंड की करीब आधा दर्जन पंचायतों में बने हुए हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने से ग्रामीणों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा और दहशत का माहौल है। एहतियात के तौर पर सैकड़ों बच्चों को स्कूल से वापस भेज दिया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा और गायघाट प्रखंड हर वर्ष बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
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जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हुआ
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बाढ़ के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवाजाही, खान-पान और आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ता है। कई परिवार अपने घरों में ही फंसकर 'जल कैदी' बन जाते हैं, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की ओर से मिलने वाली राहत और सहायता समय पर नहीं मिलती। उनका कहना है कि जो मदद पहले मिलनी चाहिए, वह बाढ़ विकराल रूप लेने के बाद पहुंचती है।
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इधर, बागमती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक एहतियात बरतने और राहत संबंधी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।