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Bihar: 44 साल से जारी आस्था की डगर, कृष्णा बम फिर देवघर रवाना; बोलीं- जब तक सांस, तब तक महादेव की भक्ति
Sat, 08 Aug 2026 05:03 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 05:03 PM IST
सार
मुजफ्फरपुर के चकबासु मोहल्ले की रहने वाली प्रसिद्ध कृष्णा बम शनिवार को बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हुईं। वह वर्ष 1982 से लगातार सावन में बाबा बैद्यनाथ की यात्रा कर रही हैं।
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माता कृष्णा देवी बम देवघर रवाना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चकबासु मोहल्ले की रहने वाली प्रसिद्ध कृष्णा बम शनिवार को बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हुईं। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और संकल्प के लिए पहचानी जाने वाली कृष्णा बम पिछले 44 वर्षों से सावन में बाबा बैद्यनाथ की यात्रा कर रही हैं। उम्र बढ़ने और रास्ते में आई कई मुश्किलों के बावजूद उनकी आस्था और उत्साह आज भी कायम है। देवघर रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उन्हें सम्मानित कर विदाई दी और उनका आशीर्वाद लिया।
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1982 से सावन में जारी है बाबा धाम की यात्रा
कृष्णा बम वर्ष 1982 से लगातार सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा करती आ रही हैं। डाक बम के रूप में जलाभिषेक करने वाली कृष्णा बम ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी यात्रा जारी रखी। करीब तीन वर्ष पहले पैर टूटने के बाद भी उनका हौसला कम नहीं हुआ और उन्होंने महादेव के प्रति अपनी आस्था और संकल्प को बनाए रखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कृष्णा बम की यह यात्रा अब सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुशासन, संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।
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नर्मदा का जल लेकर महाकालेश्वर का किया दर्शन
कृष्णा बम हाल ही में नर्मदा नदी का जल लेकर महाकालेश्वर धाम पहुंची थीं, जहां उन्होंने भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। मुजफ्फरपुर लौटने के बाद अब वह एक बार फिर अपने प्रिय बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर रवाना हुई हैं।
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उनकी यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों में खास उत्साह दिखाई दिया। यात्रा शुरू करने से पहले कई लोग उन्हें सम्मानित करने और शुभकामनाएं देने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने कहा कि कृष्णा बम का इसी क्षेत्र की निवासी होना उनके लिए गर्व की बात है और वर्षों से जारी उनकी भक्ति यात्रा पूरे इलाके की पहचान बन चुकी है।
‘जब तक शरीर में जान है, शिव के प्रति आस्था जारी रहेगी’
देवघर रवाना होने से पहले भावुक कृष्णा बम ने कहा कि भगवान शिव ही उन्हें शक्ति और भक्ति देते हैं। उन्होंने कहा, “शिव ही मुझे शक्ति और भक्ति देते हैं, इसलिए मैं खिंची चली जाती हूं। अभी नर्मदा नदी से जल लेकर महाकालेश्वर धाम की यात्रा करके लौटी हूं और अब अपने प्रिय बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए जा रही हूं।” उन्होंने कहा कि बाबा के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक का यह पल उनके लिए बेहद खास है। उनका पूरा जीवन भगवान महादेव के प्रति समर्पित है और यह समर्पण आगे भी जारी रहेगा। कृष्णा बम ने कहा कि वह वर्ष 1982 से, यानी करीब 44 वर्षों से यह यात्रा कर रही हैं। उन्होंने कहा, “जब तक शरीर में जान है, तब तक शिव के प्रति मेरी आस्था और समर्पण जारी रहेगा।”
स्थानीय लोगों ने सम्मानित कर लिया आशीर्वाद
कृष्णा बम को विदाई देने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे। लोगों ने उन्हें अपने क्षेत्र का गौरव बताते हुए कहा कि वह बाबा से केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रार्थना करती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कृष्णा बम की कामना रहती है कि भारत पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन करे, देशवासी आपस में मिल-जुलकर रहें और देश लगातार तरक्की करे। विदाई के दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल और भी खास हो गया। लोगों ने कृष्णा बम को बाबा बैद्यनाथ की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं सफल यात्रा की कामना की।
उम्र बढ़ी, लेकिन जज्बा आज भी जवान
1982 से जारी कृष्णा बम की यह यात्रा अब 44 वर्षों का लंबा सफर तय कर चुकी है। यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों से कायम आस्था, अनुशासन और संकल्प की कहानी है। उनकी यात्रा को देखकर स्थानीय लोग यही कहते नजर आए कि उम्र भले बढ़ गई हो, लेकिन कृष्णा बम की भक्ति, आस्था और हौसला आज भी जवान है।