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Bihar: चारों ओर पानी और बीच में स्कूल! बरसात आते ही ठप हो जाती है पढ़ाई, इस स्कूल पर बच्चों की शिक्षा पर संकट

Thu, 16 Jul 2026 01:26 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2026 01:26 PM IST
सार

Bihar News: पूर्वी चंपारण के रक्सौल प्रखंड स्थित परसौना तपसी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में हर वर्ष बरसात के दौरान जलजमाव के कारण पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। रास्ता डूबने से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। डीईओ ने फिलहाल विद्यालय को दूसरे स्कूल से टैग करने की बात कही है।
 

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Primary school remains submerged in water for four months children education at risk Motihari Bihar News
प्राथमिक विद्यालय तपसी परसौना का दृश्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावों के बीच पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल प्रखंड की परसौना तपसी पंचायत के वार्ड संख्या-09 स्थित प्राथमिक विद्यालय की तस्वीरें सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। बरसात शुरू होते ही विद्यालय चारों ओर से पानी से घिर जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो जाती है।
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हर बरसात में डूब जाता है स्कूल का रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष जून से लेकर अक्टूबर-नवंबर तक विद्यालय परिसर और उसके आसपास जलजमाव की स्थिति बनी रहती है। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता पानी में डूब जाने से छात्र-छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई अभिभावक सुरक्षा कारणों से बच्चों को विद्यालय भेजना बंद कर देते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
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'हर साल वही समस्या, समाधान नहीं'
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर से जलनिकासी और सुरक्षित पहुंच मार्ग की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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भवन है, लेकिन उपयोग नहीं हो पा रहा
विद्यालय भवन मौजूद होने के बावजूद चारों ओर पानी भर जाने से उसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो हर वर्ष सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती रहेगी।


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'फिलहाल दूसरे विद्यालय से किया गया टैग'
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। उन्होंने कहा कि जब तक जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस विद्यालय को पास के एक अन्य विद्यालय से टैग किया गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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