Bihar: भारत-नेपाल बॉर्डर पर फर्जी पहचान का खेल! SSB की छापेमारी में नकली आधार कार्ड बरामद, दुकानदार गिरफ्तार
मोतिहारी के आदापुर थाना क्षेत्र में SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी आधार कार्ड तैयार करने के आरोप में एक दुकान पर छापेमारी कर संचालक को गिरफ्तार किया है। 71वीं वाहिनी SSB मोतिहारी के इंटेलिजेंस सेटअप से मिली सूचना के आधार पर 10 अगस्त की शाम बिशनपुरवा गांव में कार्रवाई की गई।
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भारत-नेपाल सीमा से सटे मोतिहारी इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने फर्जी पहचान पत्र तैयार करने के एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। 71वीं वाहिनी एसएसबी मोतिहारी के इंटेलिजेंस सेटअप से मिली सूचना के आधार पर एसएसबी की ‘सी’ कंपनी बेलदरवामठ और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने आदापुर थाना क्षेत्र में एक दुकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने मौके से कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
खुफिया सूचना पर बिशनपुरवा की दुकान में छापेमारी
संयुक्त टीम ने 10 अगस्त की शाम करीब सात बजे आदापुर थाना क्षेत्र के बिशनपुरवा गांव स्थित एक दुकान पर छापेमारी की। सुरक्षा एजेंसियों को यहां कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। छापेमारी के दौरान दुकान संचालक राम विनय कुमार चौरसिया, पिता प्रेम भगत, निवासी बिशनपुरवा, थाना आदापुर को गिरफ्तार किया गया।
नकली आधार कार्ड समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
दुकान की तलाशी के दौरान संयुक्त टीम को कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड मिले। इसके अलावा एक लैपटॉप, रेडमी मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किए गए। बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इन दस्तावेजों को तैयार करने का उद्देश्य क्या था और इनका इस्तेमाल किन लोगों के लिए किया जाना था।
बॉर्डर से करीब 13 किलोमीटर अंदर मिली फर्जी दस्तावेज तैयार करने की गतिविधि
इस कार्रवाई का एक अहम पहलू यह है कि छापेमारी वाली जगह भारत-नेपाल सीमा के बॉर्डर पिलर संख्या 384/18 से भारतीय क्षेत्र में करीब 13 किलोमीटर अंदर स्थित है। भारत-नेपाल सीमा खुली और संवेदनशील होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जाने का मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल सीमा पार आवागमन, पहचान छिपाने या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में तो नहीं किया जाना था। हालांकि, इन दस्तावेजों के वास्तविक उद्देश्य और संभावित नेटवर्क का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
एसएसबी और बिहार पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि सुरक्षा एजेंसियां केवल भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में ही नहीं, बल्कि भारतीय क्षेत्र के अंदर भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
बरामद सामान और गिरफ्तार किए गए दुकान संचालक को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आदापुर थाना पुलिस को सौंपा जा रहा है। मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के साथ पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं।